corona – SanjayRajput.com https://sanjayrajput.com सच की ताकत Sat, 15 May 2021 15:13:00 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=6.9.3 https://sanjayrajput.com/wp-content/uploads/2024/07/cropped-91-98392-81815-20231027_230113.jpg corona – SanjayRajput.com https://sanjayrajput.com 32 32 235187837 ब्लैक फंगस या म्यूकरमाइकोसिस इंफेक्शन से कैसे बचें? https://sanjayrajput.com/2021/05/%e0%a4%ac%e0%a5%8d%e0%a4%b2%e0%a5%88%e0%a4%95-%e0%a4%ab%e0%a4%82%e0%a4%97%e0%a4%b8-%e0%a4%af%e0%a4%be-%e0%a4%ae%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a5%82%e0%a4%95%e0%a4%b0%e0%a4%ae%e0%a4%be%e0%a4%87%e0%a4%95.html https://sanjayrajput.com/2021/05/%e0%a4%ac%e0%a5%8d%e0%a4%b2%e0%a5%88%e0%a4%95-%e0%a4%ab%e0%a4%82%e0%a4%97%e0%a4%b8-%e0%a4%af%e0%a4%be-%e0%a4%ae%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a5%82%e0%a4%95%e0%a4%b0%e0%a4%ae%e0%a4%be%e0%a4%87%e0%a4%95.html#comments Sat, 15 May 2021 15:13:00 +0000 https://sanjayrajput.com/2021/05/15/%e0%a4%ac%e0%a5%8d%e0%a4%b2%e0%a5%88%e0%a4%95-%e0%a4%ab%e0%a4%82%e0%a4%97%e0%a4%b8-%e0%a4%af%e0%a4%be-%e0%a4%ae%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a5%82%e0%a4%95%e0%a4%b0%e0%a4%ae%e0%a4%be%e0%a4%87%e0%a4%95/ Read more

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दोस्तों, अभी पूरा देश कोरोना के कहर से जूझ ही रहा था कि कोरोना से रिकवर हुए लोगों में होने वाले घातक और जानलेवा फंगल इंफेक्शन म्यूकरमाइकोसिस (Mucormycosis) या Black Fungus के मामले तेजी से सामने आने से सबकी चिंताएं और बढ़ गयी हैं। इसलिए आज हम आपको इसके बारे में विस्तार से बताने जा रहे हैं ताकि आप सब इस घातक इंफेक्शन से बचकर रहें। 


तो आइए जानते हैं कि म्यूकरमाइकोसिस (Mucormycosis) या Black Fungus क्या है और कैसे इससे बचा जा सकता है।
Mucormycosis एक काली फंगस (Black Fungus) है जो कि चेहरे, नाक, साइनस, आँख और दिमाग में फैलकर उसकी कोशिकाओं (Cells) को नष्ट कर देती है। इससे आँख सहित चेहरे का बड़ा भाग नष्ट हो जाता है और जान जाने का भी खतरा रहता है। 

किसे हो सकता है Mucormycosis ?
१. कोविड (Covid) के दौरान स्टेरॉयड (Steroid) दवा दी गयी हो – डेक्सामिथाजोन (Dexamethasone), मिथाइल प्रेड्निसोलोन (Methyl Prednisolone) इत्यादि। 
२. कोविड मरीज को ऑक्सीजन पर रखना पड़ा हो या आईसीयू (ICU) में रखना पड़ा हो। 
३. डायबिटीज (Diabetes) का अच्छा नियंत्रण ना हो। 
४. कैंसर, किडनी ट्रांसप्लांट इत्यादि के लिए दवा चल रही हो। 

क्या हैं Mucormycosis के लक्षण (Symptoms)
१. बुखार आ रहा हो, सर दर्द हो रहा हो, खांसी हो, सांस फूल रही हो। 
२. नाक बंद हो, नाक में म्यूकस के साथ खून आ रहा हो। 
३.आँख में दर्द हो, आँख फूल जाए, दो दिख रहा हो (Blurred Vision) या दिखना बंद हो जाए।  
४. चेहरे में एक तरफ दर्द हो, सूजन हो या सुन्न हो (छूने पर छूने का अहसास ना हो) 


५. दाँत में दर्द हो, दांत हिलने लगें, चबाने में दर्द हो।
६. उल्टी में या खांसने पर बलगम में खून आये। 
Mucormycosis के लक्षण दिखने पर क्या करें ?
उपर्युक्त में से कोई भी लक्षण होने पर तत्काल सरकारी अस्पताल में या किसी अन्य विशेषज्ञ डॉक्टर को दिखाएँ। नाक-कान, गले, आँख, मेडिसिन, चेस्ट या प्लास्टिक सर्जरी विशेषज्ञ से तुरंत दिखाएँ और लगकर इलाज शुरू करें। 

क्या-क्या सावधानियां बरतें ?
१. स्वयं या किसी गैर विशेषज्ञ डॉक्टर के, दोस्त मित्र या रिश्तेदार के कहने पर स्टेरॉयड (Steroid) दवा कतई शुरू ना करें। स्टेरॉयड दवाएं जैसे – डेक्सोना (Dexona), मेड्रोल (Medrol) इत्यादि।  
२. लक्षण के पहले 5 से 7 दिनों में स्टेरॉयड देने से दुष्परिणाम होते हैं। बीमारी शुरू होते ही स्टेरॉयड शुरू ना करें, इससे बीमारी बढ़ जाती है। 
३. स्टेरॉयड का प्रयोग विशेषज्ञ डॉक्टर  कुछ ही मरीजों को केवल 5-10 दिनों के लिए देते हैं। वो भी बीमारी शुरू होने के 5-7 दिनों बाद केवल गंभीर मरीजों को।  इसके पहले बहुत सी जांच आवश्यक है। 
४. इलाज शुरू होने पर डॉक्टर से पूछें की इन दवाओं में स्टेरॉयड तो नहीं है। अगर है तो ये दवाएं मुझे क्यों दी जा रही हैं। 
५.स्टेरॉयड शुरू होने पर विशेषज्ञ डॉक्टर के नियमित संपर्क में रहें। 
६. घर पर अगर ऑक्सीजन लगाया जा रहा है तो उसकी बोतल में उबाल कर ठंडा किया हुआ पानी डालें या नार्मल सलाइन डालें। 
 

★नोट :- यह लेख डॉ. सुबोध कुमार सिंह
(MBBS, MS, MCh, DNB) द्वारा बताए गए निर्देशों पर आधारित है।


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हम और हमारा समाज किस दिशा में जा रहा है ये तो शायद हम सबको मालूम ही नहीं, लेकिन इस बात की पक्की गारंटी है कि हमारे समाज के कुछ लोग इस कोरोना महामारी से भी ज्यादा खतरनाक है।
आजकल हर जगह किसी शादी-विवाह या अन्य किसी भी फंक्शन में इतने अभद्र और अश्लील भोजपुरी गाने बजाये जाते हैं, जिन्हें सुनकर सिर शर्म से झुक जाता है। आप इस बात का अंदाजा लगा सकते हैं कि ऐसे समारोहों में उपस्थित महिलाओं पर क्या बीतती होगी। ऐसे गाने बजने से वहां का पूरा माहौल अश्लीलता भरा हो जाता है। जिसके बाद वहां पर उपस्थित पुरुष जब ऐसे गाने सुनते हैं तो अपने आसपास से गुजर रही महिलाओं पर अश्लील कमेंट्स करते हैं। 

ऐसा देखा गया है कि कई बार ये सब एक बड़े विवाद का कारण भी बनता है और शादी-विवाह जैसा शुभ समारोह मारपीट और खून खराबे वाला स्थान बन जाता है। आजकल आर्केस्ट्रा डांस में लेडीज डांसर का भी खूब चलन है, जो एक से एक अश्लील भोजपुरी गानों पर डांस करती हैं और लोग शराब पीकर उनके साथ ठुमके लगाने के लिए मारपीट खून खराबा सब करते हैं। मैंने अधिकतर आर्केस्ट्रा डांस वाली शादियों में जरूर बवाल होते देखा है।

पब्लिक ट्रांसपोर्ट जैसे बसों, टेम्पो आदि में हर तरफ ड्राइवर अपनी पसंद के अश्लील भोजपुरी गाने जमकर बजाते दिखाई देते हैं। ऐसे सड़क छाप लोग जब किसी महिला को अपनी ऑटो या बस में बैठे हुए देखते हैं तो इनके अंदर का गटर छाप इंसान तुरंत बाहर आ जाता है और ऐसे लोग तेज आवाज में अश्लील गाने बजाना शुरू कर देते हैं। ऐसे लोगों के दो शौक जरूर होते हैं एक अश्लील गाने सुनना और दूसरा मुंह में गुटखा, खैनी भरे रहना और चारो ओर थूकते रहना। इनका ये गटर छाप शौक शाम होते होते थोड़ा और हाई होता है जिसके बाद ऐसे लोग दारू भी चढ़ा लेते हैं। फिर वही गिरते पड़ते घर जाना और बीवी-बच्चों से झगड़ा-मारपीट आदि। कुछ तो ऐसे महापुरुष भी हैं जो सुबह मुंह धोते ही एकाध पौवा मार लेते हैं। ये आज के हमारे समाज के ज्यादातर गटर छाप लोगों की दिनचर्या है। 

हमारा देश और पूरा विश्व इस समय कोविड-19 महामारी का जबरदस्त शिकार हुआ है और जिस प्रकार से इस महामारी ने हम सब पर अपना कहर ढाया है, ऐसे युगपुरुष लोग उससे भी नहीं डरते। उनकी विशेष दिनचर्या पर रत्ती भर भी फर्क नहीं पड़ा है कोरोना का। ये लोग न तो सरकार की किसी गाइडलाइंस को मानते हैं और न ही उन्हें अपनी या अपने परिवार की जान की कोई परवाह है। 


ये कहना ज्यादा सही होगा कि यही हमारे समाज के ऐसे कलंक हैं जिनके कारण आज देश के सीधे सादे जिम्मेदार नागरिक, जो हर नियम कानून का पालन करते हैं और सारी सावधानी बरत रहे हैं उसके बाद भी वे कोरोना की चपेट में आकर अपनी जान गंवा रहे हैं। 

आजकल शादियों का सीजन चल रहा है साथ ही देश में हर तरफ तबाही मची हुई है, लोग अस्पताल, बेड, इलाज, दवा, ऑक्सीजन के बिना मर रहे हैं। शमशान और कब्रिस्तान तक में लाइनें लगी हुई हैं। लेकिन जिनके यहाँ शादियां हैं उनके यहाँ देखिए तो कोई एहतियात, सावधानी या कोरोना गाइडलाइंस का पालन देखने को नहीं मिलेगा। हर तरफ जमकर भीड़-भाड़ और लोगों का झुंड हर शादी में देखने को मिल रहा है। 


अब क्या हर जगह पुलिस जाकर डंडा भांजे? खुद हर गलती करेंगें और जब स्थिति बिगड़ेगी, लोग मरेंगे तो सरकार दोषी है? नागरिक होने और जिम्मेदार नागरिक होने में बड़ा फर्क है। नागरिक तो आप इसलिए हो गए कि आपने इस देश में जन्म लिया। लेकिन एक जिम्मेदार नागरिक तो आपको खुद बनना पड़ेगा, यदि आपको अपने परिवार, अपने समाज, अपने राज्य और अपने देश को आगे बढ़ाना है तो। यह देश के हर नागरिक का पहला कर्तव्य है। सरकार को, सिस्टम को कोसने और दोष देने से आप अपनी जिम्मेदारियों से नहीं बच सकते। 

आप खुद सोचिए कि यदि आप अपने 3-4 सदस्यों वाले परिवार में सबको किसी नियम या गाइडलाइंस का पालन नहीं करा पा रहे तो 1,396,053,249 जनसंख्या वाले इस देश को कोई भी सरकार किस तरह संभाल पाएगी?
देश में हर जगह ऐसे गांव और मोहल्ले हैं जहां खतरों के खिलाड़ी नियमों को तोड़कर सरकार को खुली चुनौती दे रहे है। देश का हर जिम्मेदार नागरिक इस महामारी से बचने की जद्दोजहद में लगा है, लेकिन कुछ समाज और इंसानियत के दुश्मन लोग सभी को मौत के मुंह में धकेल देना चाहते हैं।


शहर के लोगों में थोड़ी जागरूकता है लेकिन इस महामारी को लेकर ग्रामीण क्षेत्र में बिल्कुल छूट जैसी दिख रही है। लोग मास्क तक पहनना पसंद नहीं कर रहे हैं। और स्थानीय जनप्रतिनिधि भी सिर्फ 5 साल में एक बार उनका वोट लेने के लिए ही आते हैं, जागरूकता के लिए कोई ऐसा कार्य, कोई ऐसा एक्टिविटी पंचायत लेवल पर नहीं किया जा रहा है, जिससे लोग जागरूक हो और इस भयानक महामारी से बचने का उपाय और लोगों को बचाने की कोशिश कर सकें।  

आप सोचिए ऐसे में जबकि लोगों की जान को खुद खतरा है तब पर भी लोग सरकार के मास्क और सोशल डिस्टेंसिंग संबंधी नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ा रहे हैं, तो इस देश का क्या हाल होगा?
अपने इस लेख के माध्यम से मैं आज आप सभी से यह निवेदन करना चाहता हूं कि इस आपदाकाल में एक जिम्मेदार नागरिक का फर्ज निभाते हुए अपने परिवार, अपने समाज और अपने देश को बचाएं। ख्याल रहे कि आपकी एक छोटी सी लापरवाही सबके लिए जानलेवा साबित हो सकती है।


“गुज़र रही है ज़िन्दगी ऐसे मुकाम से,
अपने भी दूर हो जाते हैं, ज़रा से ज़ुकाम से !

तमाम क़ायनात में “एक क़ातिल बीमारी” की हवा हो गई, वक़्त ने कैसा सितम ढा़या कि “दूरियाँ” ही ‘दवा” हो गई।

आज सलामत रहे, तो कल की सहर देखेंगे,
आज पहरे में रहे, तो कल का पहर देखेंगें।

सासों के चलने के लिए, 
कदमों का रुकना ज़रूरी है, 
घरों मेँ बंद रहना दोस्तों,
हालात की मजबूरी है।

अब भी न संभले, तो बहुत पछताएंगे,
सूखे पत्तों की तरह, हालात की आंधी में बिखर जाएंगे।

यह जंग मेरी या तेरी नहीं, हम सब की है,
इसकी जीत या हार भी हम सब की है ।

अपने लिए नहीं, अपनों के लिए जीना है,
यह जुदाई का ज़हर दोस्तों घूंट घूंट पीना है।

आज महफूज़ रहे तो 
कल मिल के खिलखिलाएँगे,
गले भी मिलेंगे और हाथ भी मिलाएंगे। “
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सावधान: इस बार युवाओं को ज्यादा चपेट में ले रहा है कोरोना, 40% गंभीर मरीजों की उम्र 45 साल से कम https://sanjayrajput.com/2021/04/%e0%a4%b8%e0%a4%be%e0%a4%b5%e0%a4%a7%e0%a4%be%e0%a4%a8-%e0%a4%87%e0%a4%b8-%e0%a4%ac%e0%a4%be%e0%a4%b0-%e0%a4%af%e0%a5%81%e0%a4%b5%e0%a4%be%e0%a4%93%e0%a4%82-%e0%a4%95%e0%a5%8b-%e0%a4%9c%e0%a5%8d.html https://sanjayrajput.com/2021/04/%e0%a4%b8%e0%a4%be%e0%a4%b5%e0%a4%a7%e0%a4%be%e0%a4%a8-%e0%a4%87%e0%a4%b8-%e0%a4%ac%e0%a4%be%e0%a4%b0-%e0%a4%af%e0%a5%81%e0%a4%b5%e0%a4%be%e0%a4%93%e0%a4%82-%e0%a4%95%e0%a5%8b-%e0%a4%9c%e0%a5%8d.html#respond Fri, 23 Apr 2021 09:41:00 +0000 https://sanjayrajput.com/2021/04/23/%e0%a4%b8%e0%a4%be%e0%a4%b5%e0%a4%a7%e0%a4%be%e0%a4%a8-%e0%a4%87%e0%a4%b8-%e0%a4%ac%e0%a4%be%e0%a4%b0-%e0%a4%af%e0%a5%81%e0%a4%b5%e0%a4%be%e0%a4%93%e0%a4%82-%e0%a4%95%e0%a5%8b-%e0%a4%9c%e0%a5%8d/ Read more

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कोरोना की पहली लहर में हम सबने देखा कि अधिकतर बुजुर्ग और बीमार लोग ही कोरोना के शिकार हो रहे थे, लेकिन कोरोना वायरस की दूसरी लहर (2nd Wave) में बहुत कुछ बदला है। इसका नया स्ट्रेन (Strain) पहले के मुकाबले ज्यादा तेज, जानलेवा और खतरनाक है। 


सिर्फ नोएडा (Noida) के ही मरीजों के आंकड़ों पर गौर करें तो यह समझा जा सकता है कि इस बार वायरस पहली लहर की तुलना में कितना अलग है। बता दें कि नोएडा में कोरोना संक्रमित होने वाले 40% गंभीर मरीजों की उम्र 45 वर्ष से कम है। आंकड़े बताते हैं कि पिछले 10 दिनों में जिले में 108 की एंबुलेंस ने 700 से ज्यादा गंभीर मरीजों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जिसमें से 280 से अधिक मरीजों की उम्र 18-45 वर्ष के बीच थी। Experts की मानें तो इस आयु वर्ग के संक्रमित मरीजों के गंभीर हालत में पहुंचने की सबसे बड़ी वजह वैक्सीनेशन (Corona Vaccination) न हो पाना और उनका सबसे ज्यादा वक्त तक घर से बाहर रहना माना जा रहा है।

45-60 वर्ष के मरीज सबसे ज्यादा गंभीर
यदि आंकड़ों पर गौर करें तो 18-45 आयु वर्ग के बाद सबसे ज्यादा कोरोना संक्रमित होने वाले लोगों में बुजुर्ग शामिल हैं। 45-60 वर्ष की आयु वर्ग के मरीज सबसे ज्यादा संख्या में गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती हैं। इस मामले में विशेषज्ञ डॉक्टरों का कहना है कि सामान्यतः इस आयु वर्ग के लोगों में हाइपरटेंशन, डायबिटीज सहित अन्य गंभीर बीमारियां पहले से ही होती हैं। यही कारण है कि कोरोना संक्रमण के बाद इनकी हालत ज्यादा गम्भीर हो जाती है।
18 वर्ष से कम उम्र वाले मरीजों की भी बिगड़ी हालत

हालांकि इस बार 2nd Wave में 18 वर्ष से कम उम्र के गंभीर कोरोना संक्रमित मरीज भी मिले हैं। इन सभी का शहर के विभिन्न अस्पतालों में इलाज चल रहा है। जबकि कोरोना की पिछली लहर में पिछले साल नोएडा में 29 वर्ष से कम उम्र का एक भी मरीज गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती नहीं कराया गया था। हालांकि उनमें भी कोरोना के लक्षण थे, लेकिन उन्हें सांस लेने में ज्यादा तकनीफ नहीं थी। 


गौतमबुद्ध नगर (Noida) के CMO डॉ दीपक ओहरी ने बताया कि कोरोना संक्रमण (Corona Infection) से ज्यादातर पहले से कई गंभीर बीमारियों से पीड़ित मरीजों (comorbidities) की मौत हुई है। इनमें बजुर्गों की संख्या अधिक है। 
देश में इस वक्त एक्टिव हैं कोरोना के कई वैरिएंट

आपको बता दें कि भारत में कोरोना (coronavirus) का संकट अब विकराल रूप ले चुका है. कोरोना के सबसे पहले वैरिएंट (Varient) के अलावा देश में इस वक्त इसके यूके, अफ्रीकी और ब्राजील वैरिएंट एक्टिव हैं. इतना ही नहीं, भारत में एक नया वैरिएंट भी पाया गया है, जिसके सबसे ज्यादा मामले बंगाल में सामने आए हैं.

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ये है कोरोना मुक्त होने वाला दुनिया का पहला देश, Mask को कहा- ‘Bye-Bye’ https://sanjayrajput.com/2021/04/%e0%a4%af%e0%a5%87-%e0%a4%b9%e0%a5%88-%e0%a4%95%e0%a5%8b%e0%a4%b0%e0%a5%8b%e0%a4%a8%e0%a4%be-%e0%a4%ae%e0%a5%81%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%a4-%e0%a4%b9%e0%a5%8b%e0%a4%a8%e0%a5%87-%e0%a4%b5%e0%a4%be.html https://sanjayrajput.com/2021/04/%e0%a4%af%e0%a5%87-%e0%a4%b9%e0%a5%88-%e0%a4%95%e0%a5%8b%e0%a4%b0%e0%a5%8b%e0%a4%a8%e0%a4%be-%e0%a4%ae%e0%a5%81%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%a4-%e0%a4%b9%e0%a5%8b%e0%a4%a8%e0%a5%87-%e0%a4%b5%e0%a4%be.html#respond Thu, 22 Apr 2021 17:55:00 +0000 https://sanjayrajput.com/2021/04/22/%e0%a4%af%e0%a5%87-%e0%a4%b9%e0%a5%88-%e0%a4%95%e0%a5%8b%e0%a4%b0%e0%a5%8b%e0%a4%a8%e0%a4%be-%e0%a4%ae%e0%a5%81%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%a4-%e0%a4%b9%e0%a5%8b%e0%a4%a8%e0%a5%87-%e0%a4%b5%e0%a4%be/ Read more

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कोरोना वायरस (Coronavirus) से एक ओर जहां भारत समेत कई देशों में हाहाकार मचा हुआ है वहीं, इजराइल (Israel) दुनिया का ऐसा पहला और इकलौता ऐसा देश बन गया है जहाँ सरकार ने खुद लोगों को मास्क न पहनने को कहा है। इसके साथ ही इजराइल ने अपने यहाँ के सभी स्कूलों को भी पुनः खोलने का फैसला कर लिया है। 
बता दें कि इजराइल की 81% जनता को कोरोना वैक्सीन की दोनों डोज लग चुकी है। सरकार के इस आदेश के बाद लोगों ने अपने चेहरे से मास्क उतार फेंका है और सोशल मीडिया पर तरह तरह से अपनी खुशी जाहिर कर रहे हैं।


गौरतलब है कि इजरायल (Israel) में 16 साल से अधिक उम्र के 81 फीसदी नागरिकों को कोरोना का दोनों टीका लग चुका है। इसके बाद यहां कोरोना संक्रमण और अस्पताल में भर्ती होने वाले मरीजों की संख्या में तेजी से गिरावट आई है। हालांकि, अभी भी इजरायल में विदेशियों का प्रवेश और बिना टीका लगवाए इजरायली लोगों का भी प्रवेश सीमित है। ऐसे लोगों को देश में आते ही क्वारंटाइन (Quarantine) किया जा रहा है। ऐसा कोरोना के बदलते रूपों (Varients) से पैदा होने वाली चुनौतीयों को लेकर किया जा रहा है।

इजरायल (Israel) के स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि हमने देश में नए भारतीय वेरिएंट (Indian Varient) के सात केसों का पता लगाया है, जिनकी जांच की जा रही है। प्रधानमंत्री बेन्जामिन नेतन्याहू (Benjamin Netanyahu) ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा, ”कोरोना वायरस से जीतने के मामले में हम इस समय दुनिया की अगुआई कर रहे हैं।” हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि कोरोना (Covid-19) के खिलाफ अभी लड़ाई पूरी तरह समाप्त नहीं हुई है। यह कभी भी वापस लौट सकता है।


आपको बता दें कि लगभग एक वर्ष पहले इजरायल (Israel) में घर से बाहर निकलने पर देश के सभी नागरिकों के लिए मास्क को अनिवार्य किया गया था, लेकिन अब इस आदेश को सरकार ने खुद ही वापस ले लिया है। हालांकि, स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा है कि Indoor Public Space में मास्क अभी भी पहनना होगा। साथ ही लोगों से यह भी कहा है कि घर से बाहर निकलते समय मास्क (Mask) को अपने साथ जरूर रखें।


मालूम हो कि इजरायल के सबसे बड़े अखबार ‘इजरायल हायोम’ (Israel Hayom) ने अपनी कवर हेडलाइन में लिखा है, ”आजादी से सांस ले रहे हैं” 
1 करोड़ से भी कम आबादी वाले देश इजरायल (Israel) में अब तक कुल 837,160 लोग कोरोना से संक्रमित हुए हैं, वहीं कुल 6,346 लोगों की मौत हुई है। पिछले 24 घंटे की बात करें तो यहां महज 113 केस सामने आए हैं। यहाँ कुल 828,552 लोग रिकवर हो चुके है, जबकि देश भर में कुल एक्टिव केस मात्र 2,270 रह गए हैं।

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Covid-19 इमरजेंसी में इन नम्बरों पर करें कॉल, दवाओं और इंजेक्शन के लिए यहाँ करें संपर्क https://sanjayrajput.com/2021/04/covid-19-%e0%a4%87%e0%a4%ae%e0%a4%b0%e0%a4%9c%e0%a5%87%e0%a4%82%e0%a4%b8%e0%a5%80-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%87%e0%a4%a8-%e0%a4%a8%e0%a4%ae%e0%a5%8d%e0%a4%ac%e0%a4%b0%e0%a5%8b%e0%a4%82.html https://sanjayrajput.com/2021/04/covid-19-%e0%a4%87%e0%a4%ae%e0%a4%b0%e0%a4%9c%e0%a5%87%e0%a4%82%e0%a4%b8%e0%a5%80-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%87%e0%a4%a8-%e0%a4%a8%e0%a4%ae%e0%a5%8d%e0%a4%ac%e0%a4%b0%e0%a5%8b%e0%a4%82.html#respond Sun, 18 Apr 2021 14:49:00 +0000 https://sanjayrajput.com/2021/04/18/covid-19-%e0%a4%87%e0%a4%ae%e0%a4%b0%e0%a4%9c%e0%a5%87%e0%a4%82%e0%a4%b8%e0%a5%80-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%87%e0%a4%a8-%e0%a4%a8%e0%a4%ae%e0%a5%8d%e0%a4%ac%e0%a4%b0%e0%a5%8b%e0%a4%82/ Read more

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नीचे दिए गए Doctors से आप फोन पर Covid-19 से संबंधित मुफ्त परामर्श ले सकते हैं (Covid-19 Helpline Numbers for Free Consultation) –
COVID-19 पर टेलिफोनिक मार्गदर्शन के लिए सुबह 8 से दोपहर 12 बजे तक –
 डॉ तुषार शाह-  9321469911
 डॉ एम भट्ट-  9320407074
 डॉ डी दोशी-  9820237951
 डॉ डी राठौड़-  8879148679
 डॉ आर ग्वालानी-  8779835257
 डॉ डी कंसारा-  8369846412 

12 से 4 बजे तक कोविड -19 पर टेलीफोनिक मार्गदर्शन के लिए –
 डॉ जी कामथ-  9136575405 
 डॉ एस मांगलिक-  9820222384
 डॉ जे जैन- 7021092685
 डॉ ए ठक्कर-  9321470745
 डॉ एल भगत-  9820732570
 डॉ एन शाह-  9821140656
 डॉ एस फांसे-  8779328220
 डॉ जे शाह-  9869031354

4 से 8 बजे तक कोविड-19 पर टेलीफोनिक मार्गदर्शन के लिए –
 डॉ एन झवेरी-  9321489748
 डॉ एस अंसारी-  7045720278
 डॉ एल केडिया-  9321470560 
 डॉ बी शुक्ला-  9321489060 
 डॉ एस हलवाई-  9867379346
 डॉ एम कोटियन-  8928650290

8 से 11 बजे तक कोविड -19 पर टेलीफोनिक मार्गदर्शन के लिए –
 डॉ एन कुमार-  8104605550
 डॉ पी भार्गव-  9833887603
 डॉ आर चौहान-  9892135010
 डॉ बी खरात-  9969471815
 डॉ एस धुलेकर-  9892139027
 डॉ एस पंडित-  9422473277
इंडियन मेडिकल एसोसिएशन द्वारा एक और उत्कृष्ट हेल्पलाइन (24×7) शुरू की गई है :-

यदि कोई ज्यादा गम्भीर है और उसे रेमडेसीवीर इंजेक्शन की तत्काल आवश्यकता है तो इसे ध्यान से पढ़ें-

Cipla is currently giving remedesivir injections directly to the hospital where a patient has been admitted in order to avoid the black marketing of the medicines. 

Cipla websites – www.cipla.com 
email at –  [email protected]
helpline no. – 8657311088

अधिक जानकारी के लिए नीचे दिए गए लिंक पर जाएं-


उत्तर प्रदेश के लोग ध्यान दें-
ये नंबर उत्तर प्रदेश, रेमडेसीवीर इंजेक्शन के डिस्ट्रीब्यूटरों के है। ज़रूरतमंद यहां कॉल कर पता कर सकते हैं।
IMG 20210419 WA0013
लखनऊ में DRDO द्वारा बनाये गये अस्पताल में दाखिला की प्रक्रिया शुरू।
आप इन नंबरों पर फ़ोन कर मदद ले सकते है
मेजर जनरल भाटिया- 9654895961
कर्नल गुलशन सैनी- 9968656990
मरीज की कोरोना रिपोर्ट और आईडी प्रूफ होना जरुरी है

किसी भी चिकित्सा सहायता के लिए, कृपया 24/7 कंट्रोल रूम संपर्क करें 👇

📞 Phone: *+91-11-23978046*  
☎ Toll-Free Number: *1075*
✉ Email: *[email protected]

व्यवहारिक स्वास्थ्य के लिए: साइको-सोशल
📞 *08046110007*

गृह मंत्रालय का COVID-19 के लिए केंद्रीय नियंत्रण कक्ष 👇
☎ Toll-Free Number: *1930*
☎ Toll-Free Number: *1944* exclusively for persons from North East States

भारत से बाहर के व्यक्ति की मदद के लिए, कृपया विदेश मंत्रालय, भारत सरकार से संपर्क करें 👇
📞 *1-800-118-797*

वीज़ा संबंधित प्रश्न के लिए, कृपया भारत सरकार के ब्यूरो ऑफ इमिग्रेशन से संपर्क करें 👇
📞 *011-24300666*

MyGov कोरोना चैटबोट उपलब्ध है 👇
*व्हाट्सएप:* 
www.bit.ly/Mygov-Corona-Whatsapp
*टेलीग्राम:* 
https://t.me/MyGovCoronaNewsdesk
*फेसबुक मैसेंजर:* 
https://m.me/MyGovIndia?ref=Hi

राज्य चैटबॉट 👇
https://static.mygov.in/rest/s3fs-public/mygov_158884454351307401.pdf
Please watch the videos by Doctors and experts to clear your doubts on Coronavirus 
*Professional Advice by Doctors/Experts* 👇
▪ Truth about rumors related to food and drink
▪ Can COVID-19 spread from eatable items? Dr. Pulkit Mathur will clear all your doubts and share 5 rules one should follow to stay healthy. Watch this video to know more.
▪ Please watch to know about Home Isolation for very mild/ pre-symptomatic #COVID19 patient
▪ Please watch to know – how to care for a sick person
*Yoga and Advice by Yoga Experts* 👇
▪ Message of Sri Sri Ravi Shankar on International Yoga Day – Do yoga with family in the homes. https://www.youtube.com/watch?v=AdC_MHH6Jlg

▪ Yoga makes students brilliant
▪ Bhramari Pranayama gives instant relief from tension, anger & anxiety and also helps people suffering from hypertension
▪ Bhujangasana stretches muscles in the shoulders & abdominals and helps in decreasing stiffness lower back.

अपील:-

आप सभी पाठकों से विनम्र अपील है कि आप लोग अपना विशेष ध्यान रखें क्योंकि आपका ध्यान आपसे ज्यादा कोई नहीं रख सकता है।
सरकारों के लिए आप एक वोट हैं, जबकि आप अपने परिवार के लिए संपूर्ण ब्रह्मांड और समाज के लिए एक जिम्मेदार नागरिक हैं । 
इसलिए आप अपने परिवार सहित समाज के प्रत्येक व्यक्ति को सुरक्षित वह सावधानी से रहने के लिए प्रेरित करें और खुद भी रहे।
सावधान रहें सुरक्षित रहें।
-संजय राजपूत

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कोरोना के प्रकोप से बचना है तो इन आसान उपायों से अपने फेफड़ों को रखें स्वस्थ https://sanjayrajput.com/2020/12/%e0%a4%95%e0%a5%8b%e0%a4%b0%e0%a5%8b%e0%a4%a8%e0%a4%be-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%95%e0%a5%8b%e0%a4%aa-%e0%a4%b8%e0%a5%87-%e0%a4%ac%e0%a4%9a%e0%a4%a8%e0%a4%be-%e0%a4%b9.html https://sanjayrajput.com/2020/12/%e0%a4%95%e0%a5%8b%e0%a4%b0%e0%a5%8b%e0%a4%a8%e0%a4%be-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%95%e0%a5%8b%e0%a4%aa-%e0%a4%b8%e0%a5%87-%e0%a4%ac%e0%a4%9a%e0%a4%a8%e0%a4%be-%e0%a4%b9.html#respond Sat, 26 Dec 2020 13:01:00 +0000 https://sanjayrajput.com/2020/12/26/%e0%a4%95%e0%a5%8b%e0%a4%b0%e0%a5%8b%e0%a4%a8%e0%a4%be-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%95%e0%a5%8b%e0%a4%aa-%e0%a4%b8%e0%a5%87-%e0%a4%ac%e0%a4%9a%e0%a4%a8%e0%a4%be-%e0%a4%b9/ Read more

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How to Have Healthy Lungs Naturally? अपने फेफड़ों को स्वस्थ कैसे रखें?
मित्रों, ये तो आप सभी को मालूम है कि हमारे फेफड़े ऑक्सीजन को फिल्टर करने का काम करते हैं। हमेशा स्वस्थ रहने के लिए फेफड़ों का बिना रुकावट के काम करना जरूरी है।
How to keep your lungs healthy: फेफड़ों के स्वस्थ रहने के लिए स्वस्थ भोजन करना बहुत जरूरी है। सिगरेट के धुएं और पर्यावरण के विषाक्त पदार्थों के संपर्क के साथ-साथ गलत या अस्वास्थ्यकर भोजन करने से भी फेफड़े अक्सर कमजोर हो सकते हैं।



हमारे फेफड़े ऑक्सीजन को फिल्टर करने का काम करते हैं। फेफड़ों को सही रखने के लिए सभी पोषक तत्वों का भरपूर मात्रा में सेवन करना चाहिए। 
how to have healthy lungs naturally: हम आपको बता रहे हैं कि फेफड़ों को स्वस्थ रखने किन चीजों से पर्याप्त दूरी बना लेनी चाहिए…


१–प्रोसेस्ड मीट Processed Meat
प्रोसेस्ड मीट को संसाधित करने और संरक्षित करने में उपयोग किए जाने वाले नाइट्राइट फेफड़ों में सूजन और तनाव पैदा कर सकते हैं। बेकन, हैम, डेली मांस, और सॉसेज सभी प्रसंस्कृत मांस की श्रेणी में आते हैं। इनको खाना हमारे पूरे शरीर के लिए अत्यंत ही नुकसानदेह है ।
२– शराब का अधिक सेवन Overdose of Alcohol



हमारे  लीवर और फेफड़ों के लिए शराब पीना बहुत बुरा है। शराब में सल्फेट्स अस्थमा के लक्षणों को बहुत ही खराब कर सकते हैं, और इथेनॉल आपके फेफड़ों की कोशिकाओं को प्रभावित करता है। बहुत अधिक पीने से निमोनिया और फेफड़ों की अन्य समस्याएं होने की अधिक संभावना है।
३– भोजन में बहुत ज्यादा नमक का प्रयोग Excessive Use of Salt
 
नमक का ज्यादा सेवन फेफड़ों की समस्याओं को बड़ा सकता है। जो लोग बहुत अधिक नमक खाते हैं, उनमें दीर्घकालिक ब्रोंकाइटिस होने की संभावना अधिक हो सकती है और एक उच्च-सोडियम आहार अस्थमा के लक्षणों को खराब कर सकता है।


४–सुगन्धित पेय Flavoured Drinks
अपने फेफड़ों को स्वस्थ रखने के लिए हमे मीठे शीतल पेय से बचने की कोशिश करना चाहिए । सॉफ्ट ड्रिंक्स पीने वालों में फेफड़ों की समस्याएं होने की संभावना अधिक हो सकती है। इससे बच्चों में भी अस्थमा होने की संभावना अधिक हो सकती हैं।  अगर आप धूम्रपान करते हैं, तो भी बिना सोचे-समझे सॉफ्ट ड्रिंक पीना फेफड़ों के लिए खराब हो सकते हैं।
 



सावधान रहे, अभी कोरोना का एक प्रकार कोविड-19 पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है कि तब तक उसका दूसरा स्ट्रेन भी आ चुका है। कम से कम अपने फेफड़ों की रक्षा तो हम सभी को करनी चाहिए साथ ही साथ सरकार द्वारा निर्देशित सभी निर्देशों का उचित पालन भी करना चाहिए। 
आप सब सदैव स्वस्थ एवं आनंदित रहिए। यदि आपको यह लेख पसंद आया हो तो अपने सभी दोस्तों मित्रों रिश्तेदारों को भी इसे जरूर शेयर करें।


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अब देश में कोरोना संक्रमण को रोकने में ये हैं तीन सबसे बड़ी चुनौतियां https://sanjayrajput.com/2020/10/%e0%a4%85%e0%a4%ac-%e0%a4%a6%e0%a5%87%e0%a4%b6-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%95%e0%a5%8b%e0%a4%b0%e0%a5%8b%e0%a4%a8%e0%a4%be-%e0%a4%b8%e0%a4%82%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%ae%e0%a4%a3.html https://sanjayrajput.com/2020/10/%e0%a4%85%e0%a4%ac-%e0%a4%a6%e0%a5%87%e0%a4%b6-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%95%e0%a5%8b%e0%a4%b0%e0%a5%8b%e0%a4%a8%e0%a4%be-%e0%a4%b8%e0%a4%82%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%ae%e0%a4%a3.html#respond Sun, 25 Oct 2020 01:50:00 +0000 https://sanjayrajput.com/2020/10/25/%e0%a4%85%e0%a4%ac-%e0%a4%a6%e0%a5%87%e0%a4%b6-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%95%e0%a5%8b%e0%a4%b0%e0%a5%8b%e0%a4%a8%e0%a4%be-%e0%a4%b8%e0%a4%82%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%ae%e0%a4%a3/ Read more

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आंकड़ों पर गौर किया जाये तो देश भर में सितम्बर के मुकाबले अक्टूबर में कोरोना संक्रमण के नए मामलों में कमी आयी है जो कि एक राहत की बात है। लेकिन त्योहारों का सीजन शुरू होने और आने वाले ठंड के मौसम को देखते हुए हमारे सामने ये तीन सबसे बड़ी चुनौतियां होंगीं।
1. त्योहार 



विशेषज्ञों ने चेताया है कि त्योहारों में भीड़ से कोरोना वायरस संक्रमण के मामले बढ़ सकते हैं। उन्होंने लोगों को त्योहार मनाते वक्त कई सावधानी बरतने की सलाह दी है। बाजार में भीड़-भाड़ से बचने को कहा है। त्योहारों में संक्रमण के केस बढ़ने का मामला केरल में देखा जा चुका है, जहां ओणम के बाद मामले लगातार बढ़ रहे हैं।   
2. मौसम


ऐसी कई रिपोर्ट और स्टडी सामने आ चुकी हैं, जिनमें दावा किया गया है कि ठंड के मौसम में कोरोना वायरस के मामलों में वृद्धि आ सकती है। स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन का कहना है कि कोरोना एक रेस्पिरेट्री वायरस है और ऐसे वायरस को ठंड के मौसम में बढ़ने के लिए जाना जाता है। रेस्पिरेट्री वायरस ठंड के मौसम और कम आर्द्रता की स्थिति में बेहतर तरीके से पनपते हैं। यूरोप और अमेरिका इसके बड़े उदाहरण हैं। यहां ठंड शुरू होते ही पहली लहर के मुकाबले रोज नए मामलों में बढ़ोत्तरी दर्ज की जा रही है। फ्रांस में तो गर्मियों के मुकाबले ज्यादा केस दर्ज  किए जा रहे हैं। 
3. वैक्सीन



फिलहाल दुनिया में कोरोना की न तो कोई दवा और न ही कोई वैक्सीन मौजूद है। अगले साल फरवरी तक इसके आने की उम्मीद है। ऐसे में संक्रमण से बचने के लिए सावधानी बहुत जरूरी है। देश में कोरोना वैक्सीन पर वैज्ञानिकों की उच्च स्तरीय टीमें निरंतर जुटी हुई है। देसी कोरोना वैक्‍सीन कोवैक्सीन का आखिरी ट्रायल अगले महीने से शुरू होने वाला है। ऐसे में इसके फरवरी तक आने की उम्मीद जताई जा रही है।


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ऐसे कराएं कोरोना टेस्ट, आएगी 100% सही रिपोर्ट, गलत रिपोर्ट आने के ये हैं कारण https://sanjayrajput.com/2020/08/%e0%a4%90%e0%a4%b8%e0%a5%87-%e0%a4%95%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%8f%e0%a4%82-%e0%a4%95%e0%a5%8b%e0%a4%b0%e0%a5%8b%e0%a4%a8%e0%a4%be-%e0%a4%9f%e0%a5%87%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%9f-%e0%a4%86%e0%a4%8f.html https://sanjayrajput.com/2020/08/%e0%a4%90%e0%a4%b8%e0%a5%87-%e0%a4%95%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%8f%e0%a4%82-%e0%a4%95%e0%a5%8b%e0%a4%b0%e0%a5%8b%e0%a4%a8%e0%a4%be-%e0%a4%9f%e0%a5%87%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%9f-%e0%a4%86%e0%a4%8f.html#respond Sat, 29 Aug 2020 04:04:00 +0000 https://sanjayrajput.com/2020/08/29/%e0%a4%90%e0%a4%b8%e0%a5%87-%e0%a4%95%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%8f%e0%a4%82-%e0%a4%95%e0%a5%8b%e0%a4%b0%e0%a5%8b%e0%a4%a8%e0%a4%be-%e0%a4%9f%e0%a5%87%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%9f-%e0%a4%86%e0%a4%8f/ Read more

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कोरोना टेस्ट के बारे में तमाम अफवाहें फैल रही है। नेगेटिव-पॉजिटिव के बारे में लोगों का कहना है कि जो टेस्ट किट है उसके रिजल्ट्स कोई एक्यूरेट नहीं है। कुछ लोग नेगेटिव होते हुए उनकी रिपोर्ट पॉजिटिव आ रही है या जो लोग कोरोना संक्रमित भी है उनकी रिपोर्ट भी नेगेटिव आ जा रही है। तो आज हम आपको बताने जा रहे हैं कि वह सही तरीका क्या है जिससे आप कोरोना टेस्ट कराएं तो आप का रिजल्ट 100% सही आये।



यह देखा गया है कि कई बार कोरोना जांच कराने के बाद रिपोर्ट नेगेटिव आ जाती है लेकिन कुछ ही दिनों बाद अचानक कोरोना के लक्षण प्रकट हो जाते हैं इससे घबराकर लोग फिर जांच कराने पहुंच जाते हैं ऐसे में उनकी रिपोर्ट पॉजिटिव आ जाती है अब उनको समझ नहीं आता कि यह आखिर मामला क्या है। एक बार रिपोर्ट नेगेटिव और फिर पॉजिटिव हो जाता है। लोग इसके पीछे की वजह नहीं समझ पाते।
क्यों आती है गलत रिपोर्ट?
डॉक्टर्स का कहना है कि किसी भी कोरोना पॉजिटिव के संपर्क में आने के बाद लक्षण प्रकट होने और वायरल लोड बढ़ने का भी एक टाइम पीरियड होता है। इसका इंतजार करना बहुत जरूरी होता है। ऐसे मामलों में देखा जा रहा है कि अधिकतर लोगों को सही ढंग से कोरोना टेस्ट कराने का तरीका ही नहीं पता है। ऐसा नहीं है कि लक्षण प्रकट नहीं होने पर व्यक्ति कोरोना पॉजिटिव नहीं हो सकता है। 


कई बार कांटेक्ट में आने के 5 से 6 दिन तक कोई भी लक्षण नहीं आते हैं और लोग खुद को पूरी तरह स्वस्थ समझने की भूल कर बैठते हैं। ऐसे मामले में लोग ए-सिंप्टोमेटिक होते हैं। वायरल लोड कम होता है और बॉडी इम्युनिटी कोरोना वायरस से फाइट करने में सक्षम होती है। ऐसे में व्यक्ति खुद तो स्वस्थ दिखता है लेकिन दूसरे को संक्रमित कर सकता है। लक्षण नहीं आने पर भी एक बार टेस्ट जरूर कराना चाहिए।

क्यों आती है रिपोर्ट नेगेटिव?
बड़ी संख्या में ऐसे मामले सामने आए हैं जब जांच रिपोर्ट नेगेटिव आने के बावजूद लोगों में कोरोना के लक्षण पाए गए हैं ऐसे में उनकी दोबारा जांच करानी पड़ती है ऐसा इसलिए होता है कि कांटेक्ट में आने का पता चलने के तुरंत बाद लोग जांच कराने पहुंच जाते हैं तब तक उनके शरीर में वायरल लोड नहीं बढ़ पाता ऐसे में जांच रिपोर्ट निगेटिव आ जाती है इसके ठीक 2 से 3 दिन बाद फिर वायरल लोड बढ़ने पर लक्षण आने लगते हैं तब रिपोर्ट पॉजिटिव आती है।

सही रिपोर्ट हेतु कब कराएं कोरोना टेस्ट?


डॉक्टर्स का कहना है कि किसी भी व्यक्ति में कोरोना के लक्षण आने वायरस का लोड बढ़ने में 5 से 6 दिन का समय लगता है इसलिए कांटेक्ट में आने के बाद 5 से 6 दिन के बाद जरूर कोरोना टेस्ट कराना चाहिए अगर इस कंडीशन में रिपोर्ट नेगेटिव आती है तो मान लेना चाहिए कि व्यक्ति पर कोरोना इनफेक्शन का कोई असर नहीं हुआ है। अगर एक बार रिपोर्ट नेगेटिव आई और उसके बाद फिर लक्षण प्रकट हुए तो यह अधिक घातक सिद्ध हो सकता है। इसकी वजह लोग इन लक्षणों को नार्मल इंफेक्शन समझ लेते हैं और बाद में कॉम्प्लिकेशन बढ़ जाती है। ऐसे में मरीज को स्वस्थ करने में डॉक्टर को भी अधिक मेहनत करनी पड़ती है। 
वायरल लोड पर ही जांच का रिजल्ट निर्भर करता है। इसलिए अगर कांटेक्ट होने के तत्काल बाद जांच कराएंगे तो रिपोर्ट नेगेटिव ही आएगी। इसलिए 5-6 दिन बाद ही लोगों को अपना कोरोना टेस्ट कराना चाहिए।




क्या है वायरल लोड?
संक्रमित व्यक्ति के अंदर कोरोनावायरस की मौजूदगी की स्थिति को वायरल लोड कहते हैं।

कब होता है अधिक वायरल लोड?
जब कोरोना पॉजिटिव से बिना मास्क लगाए बहुत अधिक क्लोज कांटेक्ट किया गया हो।

कम वायरल लोड की स्थिति
कांटेक्ट पीरियड कम समय का हो और दोनों ने मास्क लगाया हो या किसी एक ने भी लगाया हो।
कोरोना संक्रमण से बचने के तरीके क्या है?
कम से कम 1 मीटर की दूरी बनाए रखें
मास्क का यूज़ करें 
किसी भी वस्तु या व्यक्ति को छूने से बचें 
अन्य व्यक्ति के किसी सामान को भी टच मत करें 
खांसने-छींकने वाले व्यक्ति से अधिक दूरी बनाकर रखें 
स्वस्थ दिखने वाले व्यक्ति से भी मास्क लगाकर दूरी बनाकर रहे 


यदि आपको यह जानकारी सही लगी हो तो इसे शेयर अवश्य करें। क्योंकि कोरोना केे प्रति जितने अधिक से अधिक लोग जागरूक होंगे हम सब इस जनलेवा महामारी से उतना ही अधिक खुद को और अपने परिवार को सुरक्षित रख सकेंगे।
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क्या बाजार से लाये गए सामान के पैकेट्स से फैल सकता है Corona Infection? https://sanjayrajput.com/2020/08/%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%be-%e0%a4%ac%e0%a4%be%e0%a4%9c%e0%a4%be%e0%a4%b0-%e0%a4%b8%e0%a5%87-%e0%a4%b2%e0%a4%be%e0%a4%af%e0%a5%87-%e0%a4%97%e0%a4%8f-%e0%a4%b8%e0%a4%be%e0%a4%ae%e0%a4%be.html https://sanjayrajput.com/2020/08/%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%be-%e0%a4%ac%e0%a4%be%e0%a4%9c%e0%a4%be%e0%a4%b0-%e0%a4%b8%e0%a5%87-%e0%a4%b2%e0%a4%be%e0%a4%af%e0%a5%87-%e0%a4%97%e0%a4%8f-%e0%a4%b8%e0%a4%be%e0%a4%ae%e0%a4%be.html#respond Tue, 25 Aug 2020 06:19:00 +0000 https://sanjayrajput.com/2020/08/25/%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%be-%e0%a4%ac%e0%a4%be%e0%a4%9c%e0%a4%be%e0%a4%b0-%e0%a4%b8%e0%a5%87-%e0%a4%b2%e0%a4%be%e0%a4%af%e0%a5%87-%e0%a4%97%e0%a4%8f-%e0%a4%b8%e0%a4%be%e0%a4%ae%e0%a4%be/ Read more

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कोरोना महामारी से जूझते हम सभी को कई माह बीत चुके हैं। लेकिन अभी भी बहुत से ऐसे सवाल हैं जिन पर अभी भी बहुत confusion बना हुआ है। जब भी आप बाजार जाते हैं और किसी भी सामान का पैकेट खरीदकर लाते हैं तो एक अनजान सा डर जरूर बना रहता है कि कहीं इसमें कोरोना तो नहीं। तो आइए आज हम इसी सवाल का जवाब ढूंढते हैं।

विश्व स्वास्थ्य संगठन का कहना है, “खाने या खाने की पैकेजिंग से कोविड-19 का संक्रमण होने की पुष्टि करने वाले वर्तमान में कोई मामले नहीं हैं.” लेकिन, फिर भी संगठन संक्रमण से बचने के लिए कई तरह की सावधानियों के बारे में बताता है. संगठन के अनुसार खाने के पैकेट को कीटाणुरहित करने की ज़रूरत नहीं है, बस खाने के पैकेट को छूने के बाद और खाना खाने से पहले हाथों को अच्छी तरह धोना ज़रूरी है.


अगर आप किराने का सामान खरीद रहे हैं तो स्टोर के अंदर जाने से पहले हैंड सैनिटाइज़र लगाएं और इसके बाद अच्छी तरह से हाथ धोएं. खरीदे गए सामान को पकड़ने और घर पर उसकी जगह पर रखने के बाद भी अच्छी तरह हाथ धोएं.

सामान की डिलीवरी भी करा सकते हैं अगर डिलीवरी करने वाला व्यक्ति हाइजीन का पूरी तरह ध्यान रखता है. सामान की डिलीवरी लेने के बाद अपने हाथ अच्छी तरह धो लें. कुछ विशेषज्ञ प्लास्टिक बैग को एक ही बार इस्तेमाल करने की सलाह देते हैं.
वायरस कैसे फैल सकता है?
माना जाता है कि खाने के किसी कंसाइनमेंट से संक्रमण का ख़तरा तब हो सकता है जब फूड पैकेजिंग प्लांट में काम करने वाला कोई व्यक्ति संक्रमित जगहों को छूने के बाद अपनी आंखों, नाक और मुंह को छू ले.
दोस्तों यदि आपको यह जानकारी अच्छी लगी हो तो इसे और लोगों को भी जरूर शेयर करें। क्योंकि आप सभी जानते हैं कि हम सब कोरोना के प्रति जितना अधिक जागरूक होंगे हम सभी के लिए उतना ही अच्छा होगा।
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इस पेड़ की पत्तियों से मरेगा कोरोना, ह्यूमन ट्रायल जारी, जल्द मिल सकती है कामयाबी https://sanjayrajput.com/2020/08/%e0%a4%87%e0%a4%b8-%e0%a4%aa%e0%a5%87%e0%a4%a1%e0%a4%bc-%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%aa%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a4%bf%e0%a4%af%e0%a5%8b%e0%a4%82-%e0%a4%b8%e0%a5%87-%e0%a4%ae%e0%a4%b0%e0%a5%87.html https://sanjayrajput.com/2020/08/%e0%a4%87%e0%a4%b8-%e0%a4%aa%e0%a5%87%e0%a4%a1%e0%a4%bc-%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%aa%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a4%bf%e0%a4%af%e0%a5%8b%e0%a4%82-%e0%a4%b8%e0%a5%87-%e0%a4%ae%e0%a4%b0%e0%a5%87.html#respond Sat, 22 Aug 2020 17:05:00 +0000 https://sanjayrajput.com/2020/08/22/%e0%a4%87%e0%a4%b8-%e0%a4%aa%e0%a5%87%e0%a4%a1%e0%a4%bc-%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%aa%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a4%bf%e0%a4%af%e0%a5%8b%e0%a4%82-%e0%a4%b8%e0%a5%87-%e0%a4%ae%e0%a4%b0%e0%a5%87/ Read more

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कोरोना महामारी के इलाज के लिए दुनिया के कई देशों में वैक्सीन का ट्रायल चल रहा है। कोरोना को हराने की प्रतिस्पर्धा में आयुर्वेद भी आगे आ गया है। नीम के औषधीय गुणों से तो हम सभी परिचित हैं। नीम को प्राचीन काल से ही एक प्राकतिक एंटीसेप्टिक और कीटाणुनाशक के रूप में जाना जाता रहा है। यही वजह है कि प्राचीन काल से ही लोग नीम के पेड़ को अपने आसपास अवश्य लगाते रहे है।


अब कोरोना को खत्म करने के लिए नीम के कैप्सूल पर परीक्षण किया जा रहा है। अगर सब कुछ ठीक रहा तो घर-घर में मिलने वाला नीम कोरोना को खत्म करने के लिए रामबाण इलाज साबित हो सकता है।

गौरतलब है कि ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ आयुर्वेद (एआईआईए) के साथ मिलकर आयुर्वेद कंपनी निसर्ग बायोटेक नीम के कैप्सूल पर शोध कर रही है। सात अगस्त से इन कैप्सूल पर शोध प्रक्रिया शुरू किया गया और अब 12 अगस्त से नीम के बने इस कैप्सूल का मानव परीक्षण भी शुरू हो चुका है।
भारत सरकार के आयुष मंत्रालय और हरियाणा सरकार ने स्वीकृति मिलने के बाद इसका परीक्षण फ़रीदाबाद के ईएसआईसी अस्पताल में किया जा रहा है। यदि नीम कैप्सूल का ह्यूमन ट्रायल सफल रहा तो जल्द ही हमारा देश इस प्राकृतिक कीटाणुनाशक द्वारा कोरोना पर काबू पाने में कामयाब हो सकता है।

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सावधान: कहीं आप भी नकली Sanitizer तो नहीं यूज़ कर रहे? ऐसे पता करें असलियत.. https://sanjayrajput.com/2020/08/%e0%a4%b8%e0%a4%be%e0%a4%b5%e0%a4%a7%e0%a4%be%e0%a4%a8-%e0%a4%95%e0%a4%b9%e0%a5%80%e0%a4%82-%e0%a4%86%e0%a4%aa-%e0%a4%ad%e0%a5%80-%e0%a4%a8%e0%a4%95%e0%a4%b2%e0%a5%80-sanitizer-%e0%a4%a4%e0%a5%8b.html https://sanjayrajput.com/2020/08/%e0%a4%b8%e0%a4%be%e0%a4%b5%e0%a4%a7%e0%a4%be%e0%a4%a8-%e0%a4%95%e0%a4%b9%e0%a5%80%e0%a4%82-%e0%a4%86%e0%a4%aa-%e0%a4%ad%e0%a5%80-%e0%a4%a8%e0%a4%95%e0%a4%b2%e0%a5%80-sanitizer-%e0%a4%a4%e0%a5%8b.html#respond Thu, 20 Aug 2020 17:49:00 +0000 https://sanjayrajput.com/2020/08/20/%e0%a4%b8%e0%a4%be%e0%a4%b5%e0%a4%a7%e0%a4%be%e0%a4%a8-%e0%a4%95%e0%a4%b9%e0%a5%80%e0%a4%82-%e0%a4%86%e0%a4%aa-%e0%a4%ad%e0%a5%80-%e0%a4%a8%e0%a4%95%e0%a4%b2%e0%a5%80-sanitizer-%e0%a4%a4%e0%a5%8b/ Read more

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जैसा कि Corona महामारी के इस संकट काल में देखने को मिल रहा है कि बहुत सारे लोग आपदा को अवसर की तरह इस्तेमाल करके मोटी कमाई करने की फिराक में लगे हैं। यही वजह है कि आजकल ज्यादातर लोग Corona Protection केे नाम पर नकली Products बेचते दिख रहे हैं।

ऐसे सभी नकली Products खरीदना और इस्तेमाल करना आपके लिए जानलेवा साबित हो सकता है। इसलिए नकली असली में फर्क की जानकारी रखना सभी के लिए बेहद जरूरी है।



हाल ही में कुछ जगहों पर नकली Sanitizer बनाने वाली कंपनियों का खुलासा हुआ. ये कंपनियां branded कंपनियां जैसा नकली Sanitizer बना रही थीं. लोगों को दिक्कत ये आ रही है कि वो कैसे पहचानें कि कौन सा sanitizer असली है और कौन सा नकली.

सरकार ने निर्देश दिया है कि कोरोना से बचाने के लिए 70 से 80 फीसदी alcohol वाला sanitizer का ही उपयोग करना है. 
लेकिन कोई कैसे पहचाने कि उसका Sanitizer असली है? 
तो आइए हम आपको बताते हैं कि sanitizer की असलियत कैसे पता करें…
तरीका न. 1-
आपके घर में आटा तो होगा ही. सबसे पहला टेस्ट आटे से कर सकते हैं. अपने Sanitizer को एक कटोरी में एक चम्मच आटा डालकर उसके ऊपर डालिए. फिर उसे गूथने की कोशिश करिए. 

अगर आटा गुथ जाए तो समझ लीजिए की sanitizer असली नहीं है. क्योंकि असली सैनिटाइजर आटे को गूथने नहीं देगा. सैनिटाइजर मिलाने पर आटा बिखरा हुआ रहेगा. जबकि नकली होगा तो वह गुथ जाएगा.

तरीका न. 2
आजकल सभी के घर में टॉयलेट या टिश्यू पेपर होता है. हाथ, बर्तन या सफाई के लिए उपयोग में आता है. आप एक टिश्यू पेपर लेकर उसके बीच में पेन से एक छोटा सा गोला बनाइए. उसके बाद उसके ऊपर एक बूंद sanitizer डाल दीजिए. 
अगर स्याही से बना गोला फैल जाता है तो जान जाइए कि आपका sanitizer नकली है. अगर गोला वैसा ही रहता है और सैनिटाइजर कुछ मिनटों में सूख जाता है तो इसका मतलब वह असली है. 

तरीका न. 3-



एक आसान तरीका और है. एक कटोरी में थोड़ा सा sanitizer निकाल कर डाल दीजिए. उसके बाद हेयर ड्रायर से उसपर हवा मारिए. अगर सैनिटाइजर 5-7 सेकेंड में सूख जाए तो वह असली है. नकली सैनिटाइजर इतनी देर में नहीं सूखेगा, वह और ज्यादा समय लेगा.
तो इन आसान घरेलू तरीकों की मदद से आप असली और नकली sanitizer में बड़ी आसानी से फर्क का पता कर सकते हैं और कोरोना से खुद को और अपने परिवार को बचा सकते हैं।
मेरी यह पोस्ट यदि आपको अच्छी लगी हो तो इसे और लोगों को भी share जरूर करें, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग जागरूक हो सकें और कोरोना से बचे रह सकें।
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कोरोना संक्रमितों की मौत की ये है सबसे बड़ी वजह, डॉक्टरों ने खोज निकाली ये दवा https://sanjayrajput.com/2020/08/%e0%a4%95%e0%a5%8b%e0%a4%b0%e0%a5%8b%e0%a4%a8%e0%a4%be-%e0%a4%b8%e0%a4%82%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%ae%e0%a4%bf%e0%a4%a4%e0%a5%8b%e0%a4%82-%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%ae%e0%a5%8c%e0%a4%a4.html https://sanjayrajput.com/2020/08/%e0%a4%95%e0%a5%8b%e0%a4%b0%e0%a5%8b%e0%a4%a8%e0%a4%be-%e0%a4%b8%e0%a4%82%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%ae%e0%a4%bf%e0%a4%a4%e0%a5%8b%e0%a4%82-%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%ae%e0%a5%8c%e0%a4%a4.html#respond Wed, 19 Aug 2020 10:42:00 +0000 https://sanjayrajput.com/2020/08/19/%e0%a4%95%e0%a5%8b%e0%a4%b0%e0%a5%8b%e0%a4%a8%e0%a4%be-%e0%a4%b8%e0%a4%82%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%ae%e0%a4%bf%e0%a4%a4%e0%a5%8b%e0%a4%82-%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%ae%e0%a5%8c%e0%a4%a4/ Read more

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कोरोना मरीजों में सबसे खराब स्थिति आईसीयू में भर्ती होने वाले मरीजों की होती है। इन मरीजों के फेफड़े में संक्रमण के बाद खून का थक्का बनने की वजह से सबसे अधिक परेशानी होती है।
इसकी वजह से फेफड़े जाम हो जाते हैं। फेफड़े में सूजन और द्रव्य बनने से सांस लेने में परेशानी (साइटोकिन स्टार्म) से मरीजों की स्थिति बेहद बिगड़ जाती है और मरीजों की मौत तक हो जाती है। लेकिन अब खून का थक्का बनने से रोकने वाली दवाएं मरीजों को दी जा रही है। इन दवाओं से मरीजों को काफी हद तक राहत मिली है। खास बात यह है कि अब यह दवाएं किडनी के रोगियों को छोड़कर सभी मरीजों को दी जा रही है।


बीआरडी मेडिकल कॉलेज गोरखपुर के कोरोना वार्ड के नोडल अधिकारी डॉ राजकिशोर सिंह के मुताबिक यह दवा आईसीयू में भर्ती सभी मरीजों को दी जा रही है। इस दवा के परिणाम बेहद सार्थक आए हैं। उन्होंने बताया कि गंभीर स्थिति में संक्रमित मरीजों में रक्त का थक्का बनना आम बात हो गई है। यही वजह है कि जैसे ही मरीज आ रहे हैं, वैसे ही यह दवाएं दी जा रही है। जिससे की रक्त का थक्का फिर से न बनें।



शुगर नियंत्रित करना सबसे बड़ी चुनौती
बीआरडी मेडिकल कालेज गोरखपुर के चेस्ट विभागाध्यक्ष डॉ अश्वनी मिश्रा ने बताया कि क्लाटिंग की समस्या से काफी हद तक राहत मिलने लगी है। अगर मरीज सही समय पर इलाज के लिए आ जाएं, तो क्लाटिंग की समस्या पर पूरी तरह से काबू कर लिया जाएगा। लेकिन जो भी मरीज बीआरडी में गंभीर हालत में आ रहे हैं, उनके शरीर के किसी न किसी हिस्से में थक्का पहले से बन जा रहा है।


एक बार अगर थक्का बन जाता है, तो उस थक्के को खत्म करना बहुत मुश्किल हो जाता है। ऐसी स्थिति में अगर मरीज तत्काल चिकित्सक से सलाह ले, तो इस पर नियंत्रण करके मरीजों की जान बचाई जा सकती है। इसके अलावा शुगर नियंत्रण करना सबसे बड़ी चुनौती है।

अब तक हुई मौत में थक्का बनना बड़ा कारण
अस्पतालों में कोरोना संक्रमितों की मौत में सबसे बड़ा कारण रक्त का थक्का बनना ही है। यही वजह है कि डॉक्टर गंभीर मरीजों को सलाह दे रहे हैं कि वह तत्काल लापरवाही न करते हुए चिकित्सक को दिखाएं।


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होम क्वारंटाइन होने पर बरतें ये सावधानियां, रिकवरी के लिए लें ये दवाएं https://sanjayrajput.com/2020/08/%e0%a4%b9%e0%a5%8b%e0%a4%ae-%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b5%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%82%e0%a4%9f%e0%a4%be%e0%a4%87%e0%a4%a8-%e0%a4%b9%e0%a5%8b%e0%a4%a8%e0%a5%87-%e0%a4%aa%e0%a4%b0-%e0%a4%ac%e0%a4%b0.html https://sanjayrajput.com/2020/08/%e0%a4%b9%e0%a5%8b%e0%a4%ae-%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b5%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%82%e0%a4%9f%e0%a4%be%e0%a4%87%e0%a4%a8-%e0%a4%b9%e0%a5%8b%e0%a4%a8%e0%a5%87-%e0%a4%aa%e0%a4%b0-%e0%a4%ac%e0%a4%b0.html#respond Sun, 09 Aug 2020 04:05:00 +0000 https://sanjayrajput.com/2020/08/09/%e0%a4%b9%e0%a5%8b%e0%a4%ae-%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b5%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%82%e0%a4%9f%e0%a4%be%e0%a4%87%e0%a4%a8-%e0%a4%b9%e0%a5%8b%e0%a4%a8%e0%a5%87-%e0%a4%aa%e0%a4%b0-%e0%a4%ac%e0%a4%b0/ Read more

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 देशभर में कोरोना संक्रमित लोगों का आंकड़ा अब 20 लाख के करीब पहुंच चुका है हालांकि इसमें से करीब 65 परसेंट लोग स्वस्थ भी हो चुके हैं और अस्सी परसेंट केस में पेशेंट को सीरियस प्रॉब्लम नहीं होती वहीं 45 परसेंट लोगों में हल्के लक्षण होते हैं या फिर वे बिना लक्षण के ही जांच में पॉजिटिव पाए जाते हैं। मेडिकल एक्सपर्ट्स के अनुसार ऐसे लोग सामान्य आइसोलेशन प्रक्रिया से ठीक हो सकते हैं। ऐसे ही कोरोना के रोगियों के लिए सरकार ने होम आइसोलेशन की सुविधा दी है। मतलब घर पर ही रहकर इलाज करा सकते हैं।
आइए हम आपको बताते हैं कि होम आइसोलेशन में कैसे रहा जाए और इससे संबंधित क्या क्या सावधानियां बरतनी है।

सबसे पहले यह जानना जरूरी है कि कौन लोग होम क्वारंटाइन हो सकते हैं?



जिन लोगों को क्लिनिकली बताया जाए कि वह कोरोना के हल्के लक्षण वाले हैं या जिनके अंदर लक्षण नहीं है लेकिन वह जांच में पॉजिटिव पाए गए हैं और उनकी उम्र 60 वर्ष से कम है ऐसे लोग होम आइसोलेशन में रह सकते हैं। 

कौन लोग होम क्वारंटाइन नहीं हो सकते हैं?



जिन मरीजों का इम्यून सिस्टम कमजोर है, वे होम आइसोलेशन में नहीं रह सकते हैं। यदि उनमें एचआईवी, ट्रांसप्लांट, कैंसर का इलाज करा रहे मरीज है तो ऐसे लोग भी होम आइसोलेशन में नहीं रह सकते हैं।

साथ ही 60 साल उम्र से ज्यादा के मरीज और जिन लोगों को डायबिटीज की बीमारी, गंभीर लीवर, किडनी की बीमारी, हाइपरटेंशन आदि है उन्हें मेडिकल इमरजेंसी की जरूरत पड़ सकती है। ऐसे लोगों को भी होम आइसोलेशन की इजाजत नहीं दी गयी है।
होम आइसोलेशन में रहने वाले रोगी के लिए अलग रूम की व्यवस्था होनी आवश्यक है यानी घर में कम से कम दो बाथरूम हो साथ ही रोगी के लिए घर में एक ऐसे केअर टेकर का रहना जरूरी है जो उसकी 24 घंटे देखभाल कर सकें।


होम क्वारंटाइन कोरोना वायरस के मरीजों को इन बातों का ध्यान रखना बहुत जरूरी है…
दूसरे कमरे में औरों से अलग रहें और ट्रिपल लेयर मास्क लगाए रहें।
लोगों से खासकर बुजुर्गों से अलग रहे।
निर्देश के मुताबिक मास्क को हर 8 घंटे में बदलता रहे। इस्तेमाल किये मास्क को सोडियम हाइपोक्लोराइट सॉल्यूशन में आधे घंटे के लिए डाल कर उसे विसंक्रमित करें और फिर उसे डिस्पोज़ करें। 
समय-समय पर टेंपरेचर चेक करते रहे। साथ ही बी कांप्लेक्स और विटामिन सी टेबलेट लेते रहे। 

मरीज समय-समय पर साबुन और पानी से हाथ धोते रहें।
घर के किसी सदस्य के साथ अपनी कोई वस्तु शेयर ना करें।
अपनी बॉडी का टेंपरेचर दिन में दो बार चेक करके चिकित्सा अधिकारी को बताते रहे।
कमरे में सोडियम हाइपोक्लोराइट सॉल्यूशन से कमरे की सफाई करते रहे।
पूरी तरह से आराम करें।
केअर टेक करने वाले लोग डेली बेसिस अपना टेम्परेचर चेक करें। उनको इस प्रकार के कोई लक्षण दिखते हैं तो मेडिकल के लिए सहायता ले सकते हैं।
होम आइसोलेशन वाले कोरोना मरीज निम्नलिखित दवाएं ले सकते हैं-
(एक वयस्क व्यक्ति के लिए)
पेरासिटामोल-500mg टेबलेट-10
इनरमैक्टिन-12mg- 03 टेबलेट विटामिन-सी 500mg-10 टेबलेट
जिंक-50mg-10 टेबलेट 
काढ़ा पाउच-20 पाउच 

होम क्वारंटाइन मरीज के केयरटेकर के लिए निम्नलिखित सावधानियां बरतना अनिवार्य है
केयरटेकर को मरीज के साथ ट्रिपल लेयर मास्क पहनना चाहिए और इस्तेमाल के बाद इसे फेंक देना चाहिए और अपने मुंह और नाक को छूने से बचना चाहिए।
मरीज के साथ होने पर ग्लब्स का इस्तेमाल करें।
ग्लव्स पहनने उतारने के बाद हाथ को sanitize करते रहे।
मरीजों के इस्तेमाल किये हुए बर्तन को साफ करते हुए ग्लव्स का इस्तेमाल करें।

इसके बाद ग्लव्स को भी विसंक्रमित करके हाथ को सैनिटाइज कर ले।
मरीज के कमरे की वस्तुओं जैसे हैंडल, डोर नॉब को एक परसेंट हाइपोक्लोराइट सॉल्यूशन से साफ करें।
मरीज का ध्यान रखने वाले सभी लोग समय समय पर अपना टेंपरेचर चेक करते रहे और लक्षण दिखने पर टेस्ट कराएं।
मरीज को खाना उसके कमरे में ही दिया जाए।

होम आइसोलेशन कब खत्म होगा इसके लिए निम्न दिशानिर्देश जारी किए गए हैं 



लक्षण दिखने के 10 दिन बाद और 3 दिन तक बुखार ना आने की स्थिति में मरीज होम आइसोलेशन खत्म कर सकते हैं। इसके बाद भी यदि मरीज अपने घर पर 7 दिन रह कर ही आराम करें और स्वास्थ्य लाभ ले तो बेहतर है। 

और कुछ जरूरी बातें जो सभी को जानना जरूरी है वह है कि आपके शहर के मेडिकल ऑफिसर द्वारा आप का परीक्षण किया जाएगा एवं उसका विवरण पोर्टल पर अपडेट होगा।
केयरटेकर और पेशेंट के परिजनों को भी डॉक्टर के परामर्श के अनुसार Hydroxychloroquine लेनी होगी तथा Arogya Setu App डाउनलोड करना होगा व इसमें सूचनाएं अपडेट करते रहना होगा।
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कोरोना काल में सब्जियों को कीटाणु मुक्त करने के लिए आया गजब का देशी जुगाड़…देखें Video https://sanjayrajput.com/2020/07/%e0%a4%95%e0%a5%8b%e0%a4%b0%e0%a5%8b%e0%a4%a8%e0%a4%be-%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%b2-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%b8%e0%a4%ac%e0%a5%8d%e0%a4%9c%e0%a4%bf%e0%a4%af%e0%a5%8b%e0%a4%82-%e0%a4%95.html https://sanjayrajput.com/2020/07/%e0%a4%95%e0%a5%8b%e0%a4%b0%e0%a5%8b%e0%a4%a8%e0%a4%be-%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%b2-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%b8%e0%a4%ac%e0%a5%8d%e0%a4%9c%e0%a4%bf%e0%a4%af%e0%a5%8b%e0%a4%82-%e0%a4%95.html#respond Mon, 27 Jul 2020 12:05:00 +0000 https://sanjayrajput.com/2020/07/27/%e0%a4%95%e0%a5%8b%e0%a4%b0%e0%a5%8b%e0%a4%a8%e0%a4%be-%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%b2-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%b8%e0%a4%ac%e0%a5%8d%e0%a4%9c%e0%a4%bf%e0%a4%af%e0%a5%8b%e0%a4%82-%e0%a4%95/ Read more

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कोरोना महामारी (Coronavirus Pandemic) के इस दौर में एक बात तो आपने जरूर सुनी होगी कि कुछ भी बाहर से लाए तो उसे अच्छे से कीटाणु मुक्त कर लें तभी खाए. 
लेकिन खाने पीने वाली चीजों को आखिर कैसे कीटाणु मुक्त करें? यह सवाल हम सबके सामने है। क्योंकि अल्कोहल युक्त सेनिटाइजर से खाने पीने की चीजों को नहीं साफ किया जा सकता। कहा जाता है कि आवश्यकता अविष्कार की जननी है। और भारतीय देशी जुगाड़ तो पूरी दुनिया में मशहूर है। हमारे देश में कई लोग ऐसे हैं जो हर चीज में जुगाड़ निकाल ही लेते हैं।
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 एक वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया (Social Media) पर काफी तेजी से वायरल (Viral Video) हो रहा है इस वीडियो में एक शख्स अपने घर के किचन में खड़े होकर सब्जियों की खास अंदाज में साफ-सफाई (Sterilise Vegetables) कर रहा है. 
बता दें कि यह वीडियो आईएएस सुप्रिया साहू (Supriya Sahu) ने अपने ट्विटर (Twitter) हैंडल से शेयर किया है. जिसमें एक शख्स अपने किचन में ढेर सारी साग सब्जियों को कीटाणु मुक्त करता हुआ नजर आ रहा है. लेकिन किटाणुओं को मारने का जो तरीका इस शख्स ने निकाला है वह बेहद अनोखा और लाजवाब है.



यकीन न आये तो आप खुद इस वीडियो में देख सकते हैं कि किचन में खड़े यह शख्स बेहद खास तरकीब से साग-सब्जियों की साफ-सफाई करते हुए नजर आ रहे हैं. वीडियो में दिख रहे शख्स ने प्रेशर कुकर की सीटी निकालकर उसमें एक पाइप लगा दिया है और प्रेशर कुकर को गैस के तेज फ्लेम पर चढ़ाए हुए है और पाइप से जो भाप निकल रही है उससे वह शख्स साग- सब्जियों को कीटाणु मुक्त करता हुआ नजर आ रहा है. 

Look at the great Indian Jugaad to sterilise vegetables.😁 The efficacy of this methodology can not be certified by me however India never fails to amaze 🇮🇳 Truly Incredible India #corona #COVID19Pandemic #CoronavirusIndia pic.twitter.com/PuOhzy7TVl

— Supriya Sahu IAS (@supriyasahuias) July 24, 2020

साथ ही वीडियो में दिख रहे शख्स यह भी कह रहे हैं कि गर्म पानी से साग- सब्जी खराब भी हो सकते है लेकिन भाप लगाने से यह सभी सब्जियां बिना छुए आराम से कीटाणु मुक्त हो जाएगी. 
आईएएस सुप्रिया साहू (Supriya Sahu) ने वीडियो शेयर करते हुए कैप्शन में लिखा, ”सब्जियों को स्टरलाइज़ करने के लिए महान भारतीय जुगाड़ को देखें. इस पद्धति की प्रभावशीलता मेरे द्वारा प्रमाणित नहीं की जा सकती है, हालांकि भारत कभी भी विस्मित होने में विफल नहीं होता है. सचमुच अतुल्य भारत.”
सब्जियों से कोरोना संक्रमण का खतरा तो हम सबको है। लेकिन कोई समझ नहीं पा रहा कि खाने वाली सब्जियों को आखिर कैसे कीटाणु मुक्त करें। क्योंकि सेनिटाइजर तो यूज कर नहीं सकते खाने पीने वाली चीजों पर। तो क्यों न आज से आप भी ये देशी जुगाड़ टेक्निक अपनाकर सब्जियों को कीटाणु मुक्त करना शूरु करें। 


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कोरोना से बचने और इम्युनिटी बढ़ाने हेतु करें ये उपाय, संक्रमित हुए तो भी हो जाएंगे ठीक https://sanjayrajput.com/2020/07/%e0%a4%95%e0%a5%8b%e0%a4%b0%e0%a5%8b%e0%a4%a8%e0%a4%be-%e0%a4%b8%e0%a5%87-%e0%a4%ac%e0%a4%9a%e0%a4%a8%e0%a5%87-%e0%a4%94%e0%a4%b0-%e0%a4%87%e0%a4%ae%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a5%81%e0%a4%a8%e0%a4%bf.html https://sanjayrajput.com/2020/07/%e0%a4%95%e0%a5%8b%e0%a4%b0%e0%a5%8b%e0%a4%a8%e0%a4%be-%e0%a4%b8%e0%a5%87-%e0%a4%ac%e0%a4%9a%e0%a4%a8%e0%a5%87-%e0%a4%94%e0%a4%b0-%e0%a4%87%e0%a4%ae%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a5%81%e0%a4%a8%e0%a4%bf.html#comments Sun, 19 Jul 2020 05:44:00 +0000 https://sanjayrajput.com/2020/07/19/%e0%a4%95%e0%a5%8b%e0%a4%b0%e0%a5%8b%e0%a4%a8%e0%a4%be-%e0%a4%b8%e0%a5%87-%e0%a4%ac%e0%a4%9a%e0%a4%a8%e0%a5%87-%e0%a4%94%e0%a4%b0-%e0%a4%87%e0%a4%ae%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a5%81%e0%a4%a8%e0%a4%bf/ Read more

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नानावती अस्पताल जहाँ अमिताभ बच्चन भर्ती हैं वहाँ के सबसे बड़े Covid-19 विशेषज्ञ डॉ अंसारी और डॉ लिमये की रिपोर्ट है कि निम्नलिखित चार उपचार आमतौर पर सभी रोगियों को दिए जाते हैं।


1. विटामिन सी के लिए, आधे नींबू के साथ गर्म पानी थोड़ी देर के बाद दिया जाता है।
 2. अदरक, गुड़ और घी की गोलियां दिन में तीन बार दी जाती हैं।
 3. गर्म दूध में, हल्दी कोरोना के खिलाफ एक रक्षक के रूप में कार्य करता है।
 4. गर्म पानी की भाप दिन में कम से कम एक बार उबकाई जाती है।
5. विटामिन बी की गोलियां 1-0-1 × 3 दिन तक ले सकते हैं।
 
6. सुबह 9:00 बजे 15-20 मिनट के लिए धूप में बैठें।


7. दालचीनी, लौंग, अदरक, हल्दी, अजवायन, तुलसी, पुदीना और गुड़ का अर्क उबालें और फिर नींबू डालकर पिएं। (दिन में 2 बार)
8. प्रतिदिन १.५ लीटर गुनगुना पानी पिएं और गर्म भोजन करें।
9. गर्म पानी की भाप दिन में 4 बार और अदरक के पानी की भाप 2 बार।
10. गर्म नींबू पानी, चाय जितना गर्म
 (दिन में 3 से 4 बार।
11. खजूर, बादाम, अखरोट, सेब, पपीता विशेष देने के लिए।



कैसे पता चलेगा कि कोई कोरोना वायरस से संक्रमित है ? 
1. गले में खुजली
2. सूखा गला
3. सूखी खांसी
4. उच्च तापमान- बुखार होता है
5. सांस की तकलीफ
6. गंध और स्वाद और सुनवाई हानि की भावना की कमी भी है।


यदि इन लक्षणों में से कोई भी होता है, तो तुरंत नींबू के साथ गर्म पानी पीएं।


यह जानकारी अपने पास न रखें।  इसे अपने सभी परिवार और दोस्तों को दें। यदि आप इस सलाह का पालन करते हैं, तो यह आपकी प्रतिरक्षा प्रणाली को बढ़ावा देने में मदद करेगा। यह उपचार सभी अस्पतालों में सभी को दिया जा रहा है। अतः कृपया इसका अनुसरण करें और प्रचारित करें।


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https://sanjayrajput.com/2020/07/%e0%a4%95%e0%a5%8b%e0%a4%b0%e0%a5%8b%e0%a4%a8%e0%a4%be-%e0%a4%b8%e0%a5%87-%e0%a4%ac%e0%a4%9a%e0%a4%a8%e0%a5%87-%e0%a4%94%e0%a4%b0-%e0%a4%87%e0%a4%ae%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a5%81%e0%a4%a8%e0%a4%bf.html/feed 1 283
तो क्या अब हिंदुस्तान में आयुर्वेद भी साम्प्रदायिक हो गया है? https://sanjayrajput.com/2020/06/%e0%a4%a4%e0%a5%8b-%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%be-%e0%a4%85%e0%a4%ac-%e0%a4%b9%e0%a4%bf%e0%a4%82%e0%a4%a6%e0%a5%81%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a4%be%e0%a4%a8-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82.html https://sanjayrajput.com/2020/06/%e0%a4%a4%e0%a5%8b-%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%be-%e0%a4%85%e0%a4%ac-%e0%a4%b9%e0%a4%bf%e0%a4%82%e0%a4%a6%e0%a5%81%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a4%be%e0%a4%a8-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82.html#respond Sun, 28 Jun 2020 17:49:00 +0000 https://sanjayrajput.com/2020/06/28/%e0%a4%a4%e0%a5%8b-%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%be-%e0%a4%85%e0%a4%ac-%e0%a4%b9%e0%a4%bf%e0%a4%82%e0%a4%a6%e0%a5%81%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a4%be%e0%a4%a8-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82/ Read more

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जब बाबा रामदेव ने सार्वजनिक रूप से यह घोषणा की कि उनकी कम्पनी Patanjali ने कोरोना की दवा बनाने में सफलता हासिल कर ली है, तो उसके तुरंत बाद से ही तमाम मीडिया में उनके खिलाफ पोस्टमार्टम और खिंचाई वाला दौर शुरू हो गया। तमाम न्यूज़ चैनलों और प्रिंट मीडिया में बाबा रामदेव की खिंचाई करते हुए यह कहा गया कि उन्होंने लोगों को मूर्ख बनाया है और उन्होंने इस दवा का क्लीनिकल ट्रायल कोरोना के गंभीर मरीजों पर नहीं किया है। विरोध करने कई बहुत बड़े कारणों में से एक है अरबों खरबों का दवा का कारोबार। जिसमें पूरे विश्व में न जाने कितने बड़े ड्रग माफिया सक्रिय हैं। अमेरिका जैसे देशों में तो इन्हीं ड्रग माफियाओं की फंडिंग से पार्टियां चुनाव लड़ती और जीतती भी हैं। मतलब सरकार भी इन्हीं ड्रग माफियाओं के इशारे पर चलती है। यही कारण है कि कुछ दिन पहले ट्रम्प ने रेमडेसीवीर दवा को कोरोना के इलाज के लिए कारगर साबित किया था। दुनिया का सबसे बड़ा कारोबार है यह जिसमें न जाने कितने ही दलाल और बिचौलिए जी खा रहे हैं। अब एक लंगोट वाला बाबा इन सबकी दुकान बंद कराने पर लगा है लगभग मुफ्त इलाज निकालकर, तो तकलीफ तो होगी ही। बाबा के इस प्रयास को असफल बनाने की हर संभव कोशिश की जाएगी।


अब यह कोई पहला वाक्या नहीं है जब बाबा रामदेव और Patanjali का मीडिया और देश के तमाम बुद्धिजीवी वर्ग ने विरोध करना शुरू किया है। वामपंथी तो हमेशा से बाबा रामदेव और पतंजलि का विरोध करते रहे हैं। मोटी बिंदी वाली वृंदा करात का विरोध तो हर किसी को याद होगा, जब मल्टी नेशनल कंपनियों से पैसा खाकर उसने पतंजलि के हर प्रोडक्ट को मांसाहारी साबित करने की पुरजोर कोशिश की थी। 
क्योंकि इस देश में तो हर चीज का विरोध होता है। इस देश में तो यदि हमारे देश की सेना दुश्मन के ठिकानों पर बम गिराकर आती है या उन्हें हानि पहुंचाती है तो उसका भी सबूत मांगा जाता है और सरकार की खिंचाई भी की जाती है। साथ ही सेना को भी झूठा साबित किया जाता है। 


इस देश में तो फ्रीडम ऑफ एक्सप्रेशन और फ्रीडम ऑफ़ स्पीच अब बहुत ही खतरनाक स्तर पर पहुंच चुका है, जो कि अब एक देशद्रोही बनाने का काम कर रहा है। फ्रीडम आफ स्पीच और फ्रीडम आफ एक्सप्रेशन के बहाने अपने देश को बुरा भला कहना, देश की सेना को झूठा साबित करना, राष्ट्रध्वज का अपमान करना और देश विरोधी नारे लगाना, इस देश में अब यही सब होने लगा है।
गौरतलब है कि कोरोना के लिए पतंजलि की दवा का विकास पतंजलि रिसर्च इंस्टीटूट, नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस, जयपुर द्वारा संयुक्त शोध में किया गया है। पतंजलि के लगभग 500 वैज्ञानिकों ने कोरोनोवायरस का इलाज खोजने के लिए महीनों तक अथक प्रयास किया।



पतंजलि ने जिस डॉo बलवीर सिंह तोमर के साथ मिलकर कोरोना की दवा बनाई है वे गजराराजा मेडिकल कॉलेज ग्वालियर से पढ़े हुए हैं। डॉक्टर/प्रोफेसर बलवीर सिंह तोमर मॉडर्न मेडिकल साइंस की प्रसिद्ध व प्रतिष्ठित संस्था निम्स यूनिवर्सिटी राजस्थान के चांसलर और सर्वेसर्वा हैं। डॉ बलबीर सिंह तोमर ने किंग्स कॉलेज हॉस्पिटल स्कूल ऑफ मेडिसिन लंदन से पढ़ाई की। इसके बाद इंग्लैंड में काम भी किया। इंग्लैंड में हावर्ड यूनिवर्सिटी में डॉक्टर तोमर ने कई बड़ी रिसर्च भी की है।
लेकिन यहाँ सबसे अहम मुद्दा तो यह है कि अरबों खरबों के इस खेल में कैसे पतंजलि और बाबा रामदेव सारा क्रेडिट ले जाएं। कैसे एक भगवाधारी लंगोट वाला बाबा सबको पछाड़ देगा। यदि मल्टी नेशनल कंपनी दवा बनाती तो बीच में कमीशन खोरी करके भी बहुतों की कई पीढियों के वारे न्यारे हो जाते। अब ये कैसे बर्दाश्त होगा कि एक भगवा लँगोट वाला बाबा सबको पीछे छोड़ कर आगे निकल जाए। 
दवा भी इतनी सस्ती निकाल दी कि सबके अरमानों पर पानी फेर दिया। जबकि यहाँ तो कफ़न में भी कमीशन खाते हैं लोग। असली बात तो यही है, विरोध की जड़ यहां है। लेफ्ट वालों और खान्ग्रेसी चमचों को ये बात हजम नहीं होती कि कोई भगवा लंगोट वाला बाबा उनसे आगे निकल जाए। 



आयुर्वेद को भी इन लोगों ने अब हिंदुत्व और भगवा से जोड़ दिया है। आयुर्वेद का पूरी तरह साम्प्रदायिकरण करके रख दिया है इन लोगों ने। 
मदर टेरेसा को दुनिया एक महान संत के रूप में जानती है। सुनते हैं कि उनके छूने मात्र से कैंसर के मरीज भी ठीक हो जाया करते थे। लेकिन अंदर की सच्चाई यह है कि मदर टरेसा ईसाई धर्म की एक बहुत बड़ी Conversion एजेंट थी। 
ईसाईं धर्म में संत और महात्मा उसे माना जाता है जो अधिक से अधिक ईसाईकरण करवा सके, धर्मान्तरण (conversion) करा सके। जी हां यही सच है, जितने भी ईसाई धर्मगुरु होते हैं उनका सबसे बड़ा उद्देश्य पूरी दुनिया में अधिक से अधिक लोगों को ईसाई बनाना होता है। समय समय पर ऐसी खबरें भी देखने सुनने को मिलती रहती हैं जब इनके पादरियों द्वारा सामूहिक रूप से धर्मान्तरण कराया जाता है। 
आज जो भारत देश में ईसाई देखने को मिलते हैं वे कहां से आये हैं? हिंदुस्तान में सनातन धर्म हिन्दू है यहाँ अन्य जो भी धर्म आज दिखते हैं वे सब धर्मान्तरण (Conversion) की ही देन हैं। हिंदुस्तान में लोभ लालच देकर या जबरदस्ती धर्मान्तरण कराया गया है हिंदुओं का।



हिंदुस्तान में आज जो भी इसाई हैं वे सभी 2-3 पीढ़ी पहले तक हिन्दू अनुसूचित जाति-जनजाति के लोग थे। चूंकि उस समय छुआछूत प्रथा के कारण इन्हें समाज में बराबरी का दर्जा नहीं मिलता था इसलिए इन लोगों ने ईसाई धर्म ग्रहण कर लिया। 
मुझे याद है जब मैं छोटा था तो ईसाई मिशनरीज द्वारा लाल रंग की बाइबिल मुफ्त बंटवाई जा्ती थी। उत्सुकतावश उस समय मैंने भी वो बाइबिल पढ़ी थी।
कई मुस्लिमों ने खुद ही मुझसे बताया कि वे पहले हिन्दू ही थे। और गांव से तो सबकी असलियत खुल ही जाती है। क्योंकि शहर में तो आकर अधिकतर लोग रंगा शियार बन जाते हैं लेकिन उनकी असली कुंडली का पता तो गांव से चल ही जाता है। 
मैं एक बार अपने गांव पर था तभी पोस्टमैन आया और किसी का लेटर देखकर उसका पता पूछने लगा। नाम के आगे चौधरी लिखा था तो छानबीन करने पर पता चला कि ये तो हरिजन बस्ती का फलां आदमी है जो मुम्बई में मजदूरी करता है। तब पता चला कि शहर में जाकर वो हरिजन से चौधरी बन चुका है।


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कोरोना आर्थिक संकट से खुद को बचाने के ये हैं स्मार्ट तरीके https://sanjayrajput.com/2020/06/%e0%a4%95%e0%a5%8b%e0%a4%b0%e0%a5%8b%e0%a4%a8%e0%a4%be-%e0%a4%86%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%a5%e0%a4%bf%e0%a4%95-%e0%a4%b8%e0%a4%82%e0%a4%95%e0%a4%9f-%e0%a4%b8%e0%a5%87-%e0%a4%96%e0%a5%81%e0%a4%a6.html https://sanjayrajput.com/2020/06/%e0%a4%95%e0%a5%8b%e0%a4%b0%e0%a5%8b%e0%a4%a8%e0%a4%be-%e0%a4%86%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%a5%e0%a4%bf%e0%a4%95-%e0%a4%b8%e0%a4%82%e0%a4%95%e0%a4%9f-%e0%a4%b8%e0%a5%87-%e0%a4%96%e0%a5%81%e0%a4%a6.html#respond Wed, 10 Jun 2020 06:44:00 +0000 https://sanjayrajput.com/2020/06/10/%e0%a4%95%e0%a5%8b%e0%a4%b0%e0%a5%8b%e0%a4%a8%e0%a4%be-%e0%a4%86%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%a5%e0%a4%bf%e0%a4%95-%e0%a4%b8%e0%a4%82%e0%a4%95%e0%a4%9f-%e0%a4%b8%e0%a5%87-%e0%a4%96%e0%a5%81%e0%a4%a6/ Read more

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कोरोना महामारी ने दुनिया भर में ना केवल करोड़ों लोगों के स्वास्थ्य के लिए खतरा पैदा कर दिया है बल्कि इसने ग्लोबल इकोनामी को भी बहुत नुकसान पहुंचाना शुरू किया है। इस महामारी ने अर्थव्यवस्था को मंदी की ओर ढकेल दिया है और बाजार में अनगिनत निवेशकों का पैसा भी खूब डूब रहा है।

ऐसी कठिन परिस्थितियों में आपको अपने स्वास्थ्य और धन दोनों को इस प्रकोप से प्रभावित होने से बचाने के लिए बहुत सावधानी बरतने की जरूरत है। अपनी आर्थिक स्थिति को मजबूत करने के लिए यहां कुछ तरीके बताए जा रहा है ताकि आप कम से कम आर्थिक क्षति के साथ ही इस संकट से बाहर निकल सकें।



कोरोना संकटकाल में वित्तीय संकट से निपटने के लिए ये हैं कुछ स्मार्ट तरीके…

आपातकालीन कोष (Emergency Fund) है जरूरी
सबसे पहले इस तरह के संकट के दौरान आपके पास पर्याप्त आपातकालीन कोष का होना बहुत जरूरी है। यदि आपकी आय अचानक से कम हो जाती है या आपके जीवन में कोई अप्रत्याशित संकट आ जाता है तो आपका आपातकालीन कोष ही काम आता है। आपके आपातकालीन फंड में कम से कम इतना पैसा तो होना ही चाहिए जिससे आप अपने खर्चे 6 महीनों तक चला पाए। आप अपने आपातकालीन फंड को किसी बैंक एफडी में भी रख सकते हैं ताकि कुछ ब्याज का लाभ भी मिलता रहे।

गैरजरूरी खर्चों में करें कटौती
इसके अलावा गैरजरूरी खर्चों में कटौती, अपनी अति आवश्यक जिम्मेदारियों जैसे कि आपातकालीन नकदी का निर्माण तथा घर के किराए, ईएमआई, बीमा प्रीमियम आदि का भुगतान कर पाने के लिए आपको अपने खर्चों में भी कटौती करनी होगी। लॉकडाउन के दौरान आपके खर्चों में तो कमी आएगी और इससे आपको अपने बचत में बढ़ोतरी करने में भी मदद मिलेगी इसलिए अपने खर्चों को कंट्रोल करें और अनावश्यक खर्चों में भी भारी कटौती करें। 

लोन लेने में बरतें सावधानी
आप में से कई लोग इस दौरान लोन लेने का विचार बना रहे होंगे लेकिन लोन तभी लें जब आपके पास लोन को समय पर चुकाने का एक प्लान हो। लोन लेने के पहले अपने सोर्सेस से पैसा इकट्ठा करने की कोशिश करें जैसे कि अपनी आपातकालीन निधि या कम महत्वपूर्ण निवेशों को तोड़कर। अपनी क्षमता से अधिक लोन कभी ना लें। यदि आप अपना ऋण समय पर नहीं चुका पाएंगे तो आपकी आर्थिक स्थिति और अधिक खराब हो सकती है। 
यदि आप इस संकट के दौरान आपने प्रतिबद्धताओं को पूरा करने में असमर्थ है तो आपको रिजर्व बैंक द्वारा घोषित 6 महीने तक सभी लोन की ईएमआई और क्रेडिट कार्ड बकाया राशि पर दिए गए मोरटोरियम से लाभ मिल सकता है। यह सुविधा लेने से पहले यह समझना जरूरी है कि इस मोरटोरियम के दौरान आपके सभी लोन पर ब्याज जमा होता रहेगा जो आपके रोज के खर्चे को काफी बढ़ा सकता है। इस सुविधा का विकल्प चुनने के पहले आप इस अतिरिक्त ब्याज को जल्द से जल्द जमा करने की योजना अवश्य बनाएं। इसके अलावा क्रेडिट कार्ड पर मोरटोरियम ना ही लेने का प्रयास करें।

भविष्य के लक्ष्यों वाले निवेश को न रोकें
अपने जीवन लक्ष्य को पूरा करने और अपने आर्थिक भविष्य की सुरक्षा के लिए इन्वेस्टमेंट बहुत जरूरी है इसलिए भी आप कैश की कमी से गुजर रहे हैं तो कोशिश करें कि आपको उन इन्वेस्टमेंट्स को रोकना ना पड़े जो आपके जीवन के सबसे प्रमुख लक्ष्यों से जुड़े हैं। संकट की इस घड़ी में पैसे जुटाने के लिए आप अपने कम महत्वपूर्ण निवेशों को रोक सकते हैं या तुड़वा सकते हैं। लेकिन ऐसा करने के खर्चे जैसे एग्जिट लोड और पेनल्टी का भी ध्यान रखना जरूरी ह।
बीमा सुरक्षा है बहुत जरूरी
इस समय बीमा सुरक्षा से कदापि समझौता ना करें यदि आपके पास एक टर्म प्लान है तो सुनिश्चित करें कि वह प्लान लैब्स ना होने पाए और आप उसके प्रीमियम टाइम पर देते रहे। आपके जीवन बीमा योजना आप के असामयिक निधन की स्थिति में आपके आश्रित परिवार के सदस्यों के रहन सहन और बचाव के लिए अति आवश्यक है। यह भी सुनिश्चित करें कि आपके पास कम से कम 5 लाख की कवरेज राशि वाली एक हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी भी हो जिससे आपके परिवार के सारे आश्रित सदस्य शामिल हो। 

हेल्थ इंश्योरेंस रहने से आप अपने पैसों को महंगे हॉस्पिटल के खर्चों में बर्बाद होने से बचा सकते हैं। यदि आप अपने ऑफिस द्वारा प्रदान की गई सामूहिक चिकित्सा योजना पर निर्भर हैं तो आपको एक अलग से हेल्थ पॉलिसी भी लेनी चाहिए क्योंकि यदि आप अपनी नौकरी खो देते हैं तो ऑफिस वाली पॉलिसी आपके किसी काम नहीं आएगी।

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कोरोना संकट काल के असली विलेन कौन? https://sanjayrajput.com/2020/05/%e0%a4%95%e0%a5%8b%e0%a4%b0%e0%a5%8b%e0%a4%a8%e0%a4%be-%e0%a4%b8%e0%a4%82%e0%a4%95%e0%a4%9f-%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%b2-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%85%e0%a4%b8%e0%a4%b2%e0%a5%80-%e0%a4%b5%e0%a4%bf.html https://sanjayrajput.com/2020/05/%e0%a4%95%e0%a5%8b%e0%a4%b0%e0%a5%8b%e0%a4%a8%e0%a4%be-%e0%a4%b8%e0%a4%82%e0%a4%95%e0%a4%9f-%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%b2-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%85%e0%a4%b8%e0%a4%b2%e0%a5%80-%e0%a4%b5%e0%a4%bf.html#respond Thu, 14 May 2020 18:58:00 +0000 https://sanjayrajput.com/2020/05/14/%e0%a4%95%e0%a5%8b%e0%a4%b0%e0%a5%8b%e0%a4%a8%e0%a4%be-%e0%a4%b8%e0%a4%82%e0%a4%95%e0%a4%9f-%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%b2-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%85%e0%a4%b8%e0%a4%b2%e0%a5%80-%e0%a4%b5%e0%a4%bf/ Read more

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ऐसे में जबकि पूरा देश कोरोना महामारी के संकट से बुरी तरह जूझ रहा है मुझे सबसे बड़े विलेन के रूप में यदि कोई दिख रहा है तो वे हैं प्राइवेट प्रैक्टिस करने वाले डाक्टर्स। 
आज संकट की इस घड़ी में जब देश की जनता को इनकी सबसे अधिक जरूरत है तो ये सब के सब लापता हैं। कहीं दूर दूर तक इनका कोई सुराग नहीं मिल रहा है। लगता है ये लोग खुद को ही होम क्वारंटाइन किये हुए हैं। इस दौर में ये प्राइवेट डॉक्टर सबसे बड़े कायर और भगोड़े साबित हुए हैं।



सबसे बड़े आश्चर्य की बात तो ये है कि इनके अपना क्लीनिक छोड़कर भागते ही उन तमाम मरीजों का भी कुछ पता नहीं चल रहा जो हजारों की संख्या में रोज लाइन लगाए इनके क्लीनिक पर इलाज कराने आते थे। मुझे समझ नहीं आ रहा कि वे सब मरीज इन डॉक्टरों के गायब होते ही क्या खुद बखुद ठीक हो गए या इनके द्वारा उन्हें जान बूझकर बीमार किये रहना ही इनका असली पेशा था। बार बार चेकअप के बहाने क्लीनिक बुलाकर फीस के नाम पर मोटी रकम ऐठना, बेवजह तमाम टेस्ट और दवाइयां लिखना यही इनका असली पेशा था क्या?

गौर करने वाली बात है कि इन प्राइवेट प्रैक्टिस करनेवाले डॉक्टरों के क्लीनिक पर लगने वाली वो भारी भीड़ अब बिना इनके इलाज के कैसे जी रही है। मुझे तो आजकल किसी भी मोहल्ले में दर्द से कराहता कोई भी मरीज नहीं दिख रहा। आखिर माजरा क्या है? क्या ये बीमारी और मरीज सब इन प्राइवेट डॉक्टरों के पेशे की ही उपज है? 
और लोग इसलिए स्वस्थ हैं क्योंकि इन यमराजों की क्लीनिक भी नहीं चल रही है। तो जागो ग्राहक जागो की तर्ज पर आप सब लोग भी पहचान लीजिए इन गद्दारों और मानवता के दुश्मनों को। क्योंकि संकट में ही अच्छे बुरे की असली पहचान होती है।
संकट काल में मैदान छोड़कर भागने वाले  ये भगोड़े डॉक्टर्स हमारे समाज के सबसे बड़े विलन हैं। देश की जनता की मेहनत की कमाई का सबसे बड़ा हिस्सा डकार जाने वाले इन इंसानियत के दुश्मनों ने तो अपने डॉक्टरी के पेशे को ही कलंकित करके रख दिया है।
पता चला है कि अधिकतर डॉक्टर्स क्लीनिक बन्द कर अपने घरों से ही चोरी छिपे मरीजों को देख रहे हैं और मौके का फायदा उठाते हुए उनसे दुगनी फीस भी वसूल रहे हैं। इनके अंदर का इंसान तो पहले ही मर चुका है तभी तो ये मर चुके मरीज की लाश तक को तब तक नहीं जाने देते जब तक घरवाले पूरा बिल न भर दें। और मरते हुए मरीज का इलाज भी तब तक नहीं शुरू करते जब तक एडवांस में इलाज का खर्च न जमा करा लें। इस संकट काल में लोगों की मजबूरी का फायदा उठाने वाले ये डॉक्टर्स मानवता के सबसे बड़े दुश्मन हैं। 
इस संकट काल में हमारे असली कोरोना वारियर्स तो हमारे सरकारी डॉक्टर्स ही हैं जो अपनी जान पर खेलकर दिन रात जनता की सेवा में लगे हैं। 
मैं उन सभी वीर योद्धाओं को सैलूट करता हूँ जो इस संकट की घड़ी में जी जान से जनता की सेवा में लगे हैं!!
©कॉपीराइट एक्ट के तहत सर्वाधिकार सुरक्षित है

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कोरोना और करप्शन का नेटवर्क https://sanjayrajput.com/2020/05/%e0%a4%95%e0%a5%8b%e0%a4%b0%e0%a5%8b%e0%a4%a8%e0%a4%be-%e0%a4%94%e0%a4%b0-%e0%a4%95%e0%a4%b0%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b6%e0%a4%a8-%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%a8%e0%a5%87%e0%a4%9f%e0%a4%b5%e0%a4%b0.html https://sanjayrajput.com/2020/05/%e0%a4%95%e0%a5%8b%e0%a4%b0%e0%a5%8b%e0%a4%a8%e0%a4%be-%e0%a4%94%e0%a4%b0-%e0%a4%95%e0%a4%b0%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b6%e0%a4%a8-%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%a8%e0%a5%87%e0%a4%9f%e0%a4%b5%e0%a4%b0.html#respond Fri, 01 May 2020 18:33:00 +0000 https://sanjayrajput.com/2020/05/01/%e0%a4%95%e0%a5%8b%e0%a4%b0%e0%a5%8b%e0%a4%a8%e0%a4%be-%e0%a4%94%e0%a4%b0-%e0%a4%95%e0%a4%b0%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b6%e0%a4%a8-%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%a8%e0%a5%87%e0%a4%9f%e0%a4%b5%e0%a4%b0/ Read more

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कोरोना लॉकडाउन के बीच संक्रमण के साथ-साथ करप्शन, घूसखोरी, कालाबाज़ारी सभी कुछ तेजी से चल रहा है। देश में गहराई तक जड़ जमा चुका भ्रष्टाचार का नेटवर्क कोरोना महामारी के समय और भी तगड़े सिग्नल के साथ हर जगह अपनी उपस्थिति बार बार दर्ज करा रहा है। पुलिस हो या बनिया सब अपने अपने तरीके से जनता को चूसने में लगे हैं। और जनता इन दो पाटों के बीच पिस कर रह गयी है।
बनिया 25 रुपये किलो वाला आटा 35 रुपये, 60 रुपये किलो वाली दाल 120 रुपये, 30 रुपये का चॉवल 50 रुपये किलो में बेचकर कोरोना महामारी को एक नए बिज़नेस अवसर के रूप में कैश करा रहा है। वहीं कुछ करप्ट पुलिस वाले भी मौका पाते ही हाथ साफ कर दे रहे है, क्योंकि अपने देश की पुलिस का गठन तो आम लोगों को प्रताड़ित करने के लिए ही हुआ है शायद। 


आज देश में यदि घूसखोरी और भ्रष्टाचार नहीं होता तो शायद कोरोना मरीजों की संख्या इतनी तेजी से नहीं बढ़ती। जरा सोचिए ऐसे में जब सभी राज्यों से जिलों तक के बॉर्डर सील हैं और कड़ी चौकसी है फिर भी लोग प्राइवेट एम्बुलेंस बुक करके दिल्ली से गोरखपुर तक बिना किसी रोक टोक और जांच के अपने परिवार सहित कैसे पहुंच जा रहे हैं।
सीएम सिटी गोरखपुर जो कि अभी तक ग्रीन जोन में था और यहाँ एक भी कोरोना पॉजिटिव केस नहीं था लेकिन पुलिस प्रशासन की लापरवाही के चलते यहाँ दिल्ली से 2 कोरोना पॉजिटिव मरीज बिना रोकटोक पहुंच गए। यहां तक की उन एम्बुलेंस और उनके ड्राइवर के बारे में पुलिस के पास कोई भी जानकारी नहीं है। न ही पुलिस के पास उन एम्बुलेंस का नम्बर ही है।



दिल्ली में रहने वाले मेरे एक मित्र ने बताया कि वहां तो एम्बुलेंस वाले मूवमेंट ई-पास आदि का जुगाड़ करके तैयार मिल रहे हैं जो 25-30 हजार रुपये में यूपी लाने की पूरी जिम्मेदारी ले ले रहे हैं। उनके पास घूसखोरी का ऐसा तगड़ा नेटवर्क है जिससे उनको तुरंत पास मिल जाता है। 
जबकि दिल्ली में यदि कोई आम आदमी अपने किसी करीबी की मेडिकल इमरजेंसी होने या मरीज की हालत अत्यधिक नाजुक होने पर डॉक्टर द्वारा जारी किया गया रेफर लेटर होने के बावजूद E-Pass के लिए ऑनलाइन आवेदन कर रहा है तो उसका आवेदन हर बार रिजेक्ट कर दिया जा रहा है। 
यूपी के रहने वाले वीरेंद्र सिंह गुरुग्राम स्थित एक कंपनी में क्वालिटी मैनेजर हैं। गांव पर अपनी माता जी की तबियत ज्यादा खराब होने और देखभाल न हो पाने की वजह से अभी मार्च में ही वीरेंद्र अपनी माता को अपने साथ गुरुग्राम ले गए थे जिससे उनका ठीक से इलाज करा सकें। परन्तु अपनी माता जी को गांव से लेकर जाने के कुछ दिन बाद ही हालात खराब हो गए और लॉकडाउन लगा दिया गया। 
अब वीरेंद्र सिंह के सामने अपनी बीमार माता के इलाज को लेकर बड़ी कठिनाई सामने आ गयी। कोरोना का ऐसा भय था कि वे जिस अस्पताल जाते वही भर्ती करने से मना कर देता। इसी बीच उनकी माता की तबियत बहुत खराब होने पर किसी तरह उन्होंने एक दिन e-pass का इंतज़ाम किया तो गुरुग्राम में एक प्राइवेट अस्पताल में अपनी माता को दिखाया जहां डॉक्टर ने हार्ट ब्लॉकेज बताते हुए उन्हें दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल को रेफर कर दिया। 
इसी बीच जमातियों की करतूतों के कारण पूरा दिल्ली हॉटस्पॉट घोषित हो चुका था और पूरी तरह सील किया जा चुका था। ऐसे में वीरेंद्र के पास ऑनलाइन e-pass के लिए आवेदन करने के सिवा कोई और रास्ता नहीं था। वीरेंद्र सिंह ने लगातार 5 दिनों तक डॉक्टर का रेफर लेटर संलग्न करते हुए e-pass के लिए आवेदन किया परन्तु हर बार उनका आवेदन निरस्त कर दिया गया। उन्होंने स्थानीय सीएमओ तक से गुजारिश की और सरकारी एम्बुलेंस लेने का भी प्रयास किया परन्तु कहीं से भी उन्हें कोई मदद नहीं मिली। वीरेंद्र सिंह ने स्वास्थ्य मंत्री से लेकर ग्रह मंत्री तथा पीएम तक को अपनी माता की मेडिकल रिपोर्ट के साथ ट्वीट करके मदद की अपील भी की। लेकिन 130 करोड़ की आबादी वाले इस देश में एक आम आदमी की पुकार हर बार भीड़ में कहीं दबकर दम तोड़ देती है। यहाँ दावे तो बड़े बड़े किये जाते हैं लेकिन धरातल की सच्चाई कुछ और ही होती है। 
एक तरफ तो घूसखोरी तंत्र से एम्बुलेंस वाले तथा अन्य पहुंच वाले लोग तुरन्त e-pass का जुगाड़ बैठा ले रहे हैं वहीं दूसरी ओर यदि एक आम आदमी अपनी मरती हुई माँ को बचाने के लिए भी e-pass की मॉग करता है तो उसका आवेदन गैरजरूरी समझकर निरस्त कर दिया जाता है। 
यही है इस देश के सिस्टम की ग्राउंड रियलिटी, जहां सब कुछ घूसखोरी के नेटवर्क से ही चलता है। यह इस देश का सबसे बड़ा नेटवर्क है जिसका सिग्नल हर जगह पकड़ता है। भ्रस्टाचार और घूसखोरी से आम आदमी का पीछा शमशान तक नहीं छूटने वाला। अंतिम संस्कार तक की रश्म में भी कहीं न कहीं घूसखोरी के नेटवर्क से होकर ही गुजरना पड़ता है अपने देश में।

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लॉकडाउन से सबसे अधिक प्रभावित कौन? क्या सरकार ने इनके लिए कुछ किया? https://sanjayrajput.com/2020/04/%e0%a4%b2%e0%a5%89%e0%a4%95%e0%a4%a1%e0%a4%be%e0%a4%89%e0%a4%a8-%e0%a4%b8%e0%a5%87-%e0%a4%b8%e0%a4%ac%e0%a4%b8%e0%a5%87-%e0%a4%85%e0%a4%a7%e0%a4%bf%e0%a4%95-%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%ad.html https://sanjayrajput.com/2020/04/%e0%a4%b2%e0%a5%89%e0%a4%95%e0%a4%a1%e0%a4%be%e0%a4%89%e0%a4%a8-%e0%a4%b8%e0%a5%87-%e0%a4%b8%e0%a4%ac%e0%a4%b8%e0%a5%87-%e0%a4%85%e0%a4%a7%e0%a4%bf%e0%a4%95-%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%ad.html#respond Sun, 26 Apr 2020 04:35:00 +0000 https://sanjayrajput.com/2020/04/26/%e0%a4%b2%e0%a5%89%e0%a4%95%e0%a4%a1%e0%a4%be%e0%a4%89%e0%a4%a8-%e0%a4%b8%e0%a5%87-%e0%a4%b8%e0%a4%ac%e0%a4%b8%e0%a5%87-%e0%a4%85%e0%a4%a7%e0%a4%bf%e0%a4%95-%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%ad/ Read more

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कोरोना महामारी के चलते लॉकडाउन को एक माह से अधिक हो चुके हैं परंतु अभी भी अनिश्चितता का दौर है और यह लॉक डाउन अभी कितने दिन और चलेगा इसके बारे में निश्चित तौर पर कुछ भी नहीं कहा जा सकता। देशभर में तेजी से बढ़ रहे कोरोना संक्रमण के मामलो को देखते हुए अनुमान यह लगाया जा रहा है कि यह स्थिति सितम्बर तक भी खिंच सकती है। ऐसे में एक अहम सवाल यह उठता है कि देश में चल रहे इस लॉक डाउन से सबसे अधिक प्रभावित कौन सा वर्ग हो रहा है? तो आइए अपने सामाजिक ढांचे पर नजर डालते हैं और जानने की कोशिश करते हैं कि लॉक डाउन के इस संकट काल में हमारे समाज का वो कौन सा वर्ग ऐसा है जो सबसे अधिक प्रभावित होने के बावजूद भी सरकार द्वारा सबसे उपेक्षित है।



यदि सरकार से मिल रही आर्थिक एवं खाद्यान सहायता की बात करें तो उसका सबसे अधिक लाभ हमेशा गरीबी रेखा से नीचे (BPL-Below Poverty Line) वाले वर्ग के लोगों को ही मिलता है क्योंकि सरकार की नजर में वही वर्ग ऐसा है जिसे मदद की जरूरत होती है। इसी वर्ग के अधिकतर लोग जातीय आरक्षण के भी हकदार हैं और इन्हें पढ़ाई से लेकर नौकरी तक में छूट, रियायत और आरक्षण का लाभ भी मिलता है। मतलब यह कि सरकार की नजर में बीपीएल (BPL) वर्ग ही आपदा के समय मदद का हकदार है। इस वर्ग में जनसंख्या के तेजी से बढ़ने का कारण भी कहीं न कहीं यही है। इस वर्ग के लोगों को बच्चे पैदा करने में इसीलिए कोई संकोच नहीं है क्योंकि उन्हें यह पता है कि खाने का इंतज़ाम तो सरकार करेगी ही।


अब बात करते हैं अमीर और धनाढ्य वर्ग की तो इस वर्ग में अधिकतर बड़े बिजनेसमैन, डॉक्टर्स, अधिकारी, पूंजीपति और उद्योगपति लोग आते हैं। लॉक डाउन या किसी भी अन्य आपदा के समय ऐसे लोगों के समक्ष रोजी रोटी का कोई संकट नहीं होता। इस वर्ग को आपदा काल में जीवन यापन की कोई टेंशन नहीं होती क्योंकि इनके पास पर्याप्त जमा पूंजी होती है। इस वर्ग की आमदनी का सबसे बड़ा स्रोत मध्यम वर्ग ही होता है क्योंकि मध्यम वर्ग ही देश का सबसे बड़ा उपभोक्ता वर्ग है। सीधे शब्दों में कहें तो मिडिल क्लास के पैसे से ही यह वर्ग पूंजीपति और धनाढ्य बनता है।
अब बात करते हैं मिडिल क्लास या मध्यम वर्ग की। मेरे ख्याल से इस लॉक डाउन से सबसे अधिक प्रभावित कोई है तो वो मिडिल क्लास या मध्यम वर्ग ही हो रहा है। क्योंकि इस देश में मिडिल क्लास ही ऐसा है जिसे किसी भी आपदा या मुसीबत के वक्त सरकार द्वारा किसी भी प्रकार की कोई मदद या आर्थिक सहायता नहीं प्राप्त हो पाती है क्योंकि सरकार की नजर में यह खुद अपने बलबूते जीवन यापन करने वाला वर्ग है। इस वर्ग के अधिकतर लोग नौकरीपेशा या छोटे मोटे दुकानदार होते हैं जो लॉक डाउन जैसी परिस्थितियों में अधिक समय तक बैठकर गुजारा भी नहीं कर सकते और अपने आत्मसम्मान के कारण सरकार के आगे हाथ भी नहीं फैला सकते।  इस वर्ग के अधिकांश लोग जातीय आरक्षण के दायरे से भी बाहर है इसलिए शिक्षा और नौकरी में भी इन्हें किसी भी प्रकार की छूट या प्राथमिकता नहीं मिलती है। इस वर्ग के समाज में  निरंतर पिछड़ते जाने का कारण भी यही है। मिडिल क्लास फैमिली अपने सारे खर्चे अपने बलबूते उठाती है इसलिए इनके पास जमा पूंजी का भी अभाव होता है। इसलिए किसी भी आपदा काल में सबसे अधिक प्रभावित भी यही वर्ग होता है।



इससे यह बात पूरी तरह से साबित हो जाती है कि हमारे देश में चल रहे लॉकडाउन से सबसे अधिक प्रभावित मिडिल क्लास (मध्यम वर्ग) ही हो रहा है। परंतु यह अत्यंत ही दुर्भाग्यपूर्ण है कि सरकार की नजरों में यह वर्ग हमेशा से उपेक्षित ही रहा है और इस वर्ग के लिए हमारी सरकार के पास किसी भी तरह का कोई राहत पैकेज भी उपलब्ध नहीं होता है। 

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