jci – SanjayRajput.com https://sanjayrajput.com सच की ताकत Sun, 31 May 2026 06:45:09 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=6.9.4 https://sanjayrajput.com/wp-content/uploads/2024/07/cropped-91-98392-81815-20231027_230113.jpg jci – SanjayRajput.com https://sanjayrajput.com 32 32 235187837 हिन्दी पत्रकारिता दिवस पर देश भर के 101 पत्रकार हुए सम्मानित https://sanjayrajput.com/2026/05/hindi-patrakarita-diwas-101-journalists-honoured-journalist-council-of-india.html https://sanjayrajput.com/2026/05/hindi-patrakarita-diwas-101-journalists-honoured-journalist-council-of-india.html#respond Sun, 31 May 2026 06:45:09 +0000 https://sanjayrajput.com/?p=1373 Read more

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जर्नलिस्ट काउंसिल ऑफ इंडिया (रजि.) ने डिजिटल सम्मान पत्र प्रदान कर किया सम्मानित

हिन्दी पत्रकारिता दिवस के अवसर पर 30 मई को जर्नलिस्ट काउंसिल ऑफ इंडिया (रजि.) द्वारा देशभर के 101 पत्रकारों को डिजिटल सम्मान पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। संगठन ने यह सम्मान उन पत्रकारों को समर्पित किया जिन्होंने निष्पक्ष, निर्भीक और जनहितकारी पत्रकारिता के माध्यम से समाज में सकारात्मक योगदान दिया है।

सम्मानित होने वाले पत्रकारों में दिल्ली, उत्तर प्रदेश, झारखंड, बिहार, महाराष्ट्र, उत्तराखंड, छत्तीसगढ़, हरियाणा, पंजाब, गुजरात, असम तथा चंडीगढ़ सहित विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के पत्रकार शामिल रहे।

संगठन के अनुसार चयनित पत्रकारों ने न केवल पत्रकारिता के मूल्यों को मजबूती प्रदान की, बल्कि पत्रकारों के हितों और उनकी समस्याओं से जुड़े मुद्दों को भी अपने समाचार पत्रों, चैनलों और डिजिटल पोर्टलों के माध्यम से प्रमुखता से उठाया।

हिन्दी पत्रकारिता दिवस के अवसर पर आयोजित एक वर्चुअल बैठक के दौरान यह सम्मान समारोह संपन्न हुआ। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जर्नलिस्ट काउंसिल ऑफ इंडिया (रजि.) के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. अनुराग सक्सेना ने बताया कि यह संगठन का सातवां सम्मान समारोह है।

“आपकी कलम समाज की आवाज है, हमारा सम्मान आपके साथ है।”

उन्होंने कहा कि बेदाग और निष्पक्ष पत्रकारिता करने वाले पत्रकार लोकतंत्र की सशक्त नींव हैं। संस्था का उद्देश्य ऐसे पत्रकारों का मनोबल बढ़ाना और पत्रकारिता के मूल्यों को संरक्षित करना है।

संगठन ने देशभर के पत्रकारों से इस अभियान से जुड़ने तथा पत्रकारिता को और अधिक सशक्त एवं प्रभावी बनाने की अपील की।

जर्नलिस्ट काउंसिल ऑफ इंडिया के पदाधिकारियों ने कहा कि यह सम्मान केवल एक प्रमाण पत्र नहीं है, बल्कि पत्रकारों के संघर्ष, समर्पण, साहस और सामाजिक योगदान के प्रति संस्था की ओर से व्यक्त किया गया सम्मान और कृतज्ञता का प्रतीक है।

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पत्रकार सुरक्षा कानून पर पूर्व राज्यपाल से जर्नलिस्ट काउंसिल ऑफ इंडिया की अहम बैठक https://sanjayrajput.com/2026/01/patrakar-suraksha-kanoon-jci-purv-rajyapal-baithak.html https://sanjayrajput.com/2026/01/patrakar-suraksha-kanoon-jci-purv-rajyapal-baithak.html#respond Wed, 14 Jan 2026 04:44:04 +0000 https://sanjayrajput.com/?p=1305 Read more

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नई दिल्ली। देशभर में पत्रकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और पत्रकार सुरक्षा कानून को प्रभावी रूप से लागू कराने की मांग को लेकर जर्नलिस्ट काउंसिल ऑफ इंडिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. अनुराग सक्सेना ने हिमाचल प्रदेश एवं राजस्थान के पूर्व राज्यपाल माननीय कलराज मिश्र से मुलाकात कर विस्तृत एवं गंभीर चर्चा की।

बैठक के दौरान पत्रकारों के समक्ष उत्पन्न हो रही चुनौतियों, लगातार बढ़ रहे हमलों, धमकियों, उत्पीड़न तथा फर्जी मुकदमों जैसे संवेदनशील मुद्दों पर गहन विचार-विमर्श किया गया। डॉ. अनुराग सक्सेना ने कहा कि लोकतंत्र के चौथे स्तंभ को सशक्त बनाए रखने के लिए पत्रकारों को मजबूत कानूनी संरक्षण प्रदान किया जाना अत्यंत आवश्यक है।

उन्होंने बताया कि देश के विभिन्न हिस्सों में पत्रकार अपने कर्तव्यों का निर्वहन करते हुए असुरक्षा और हिंसा का सामना कर रहे हैं, जिससे निष्पक्ष और निर्भीक पत्रकारिता प्रभावित हो रही है। ऐसे हालात में पत्रकार सुरक्षा कानून की आवश्यकता पहले से कहीं अधिक बढ़ गई है।

पूर्व राज्यपाल माननीय कलराज मिश्र ने संगठन की मांगों को गंभीरता से सुना और कहा कि पत्रकार लोकतंत्र की आधारशिला हैं। उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना न केवल सरकार बल्कि पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है।

उन्होंने आश्वस्त किया कि जर्नलिस्ट काउंसिल ऑफ इंडिया द्वारा उठाए गए इस महत्वपूर्ण विषय को वे केंद्रीय नेतृत्व के समक्ष मजबूती से प्रस्तुत करेंगे। साथ ही उन्होंने कहा कि पत्रकार सुरक्षा कानून समय की मांग है और इसके क्रियान्वयन के लिए वे हरसंभव प्रयास करेंगे।

माननीय कलराज मिश्र ने पत्रकार हितों के लिए जर्नलिस्ट काउंसिल ऑफ इंडिया द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना करते हुए विश्वास जताया कि आने वाले समय में इस दिशा में सकारात्मक और ठोस निर्णय लिए जाएंगे।

इस बैठक को पत्रकारों के हित में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है, जिससे भविष्य में पत्रकार सुरक्षा कानून को लेकर ठोस कदम उठाए जाने की उम्मीद और मजबूत हुई है।

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पत्रकार से बदसलूकी का मामला गरमाया, दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग https://sanjayrajput.com/2026/01/the-case-of-misbehavior-with-the-journalist-has-heated-up-demanding-action-against-the-guilty-policemen.html https://sanjayrajput.com/2026/01/the-case-of-misbehavior-with-the-journalist-has-heated-up-demanding-action-against-the-guilty-policemen.html#respond Sun, 11 Jan 2026 15:51:22 +0000 https://sanjayrajput.com/?p=1295 Read more

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मेरठ में कवरेज रोकने की कोशिश का वीडियो वायरल, प्रेस की आज़ादी पर बहस तेज

लखनऊ। रिपोर्टिंग के दौरान एक टीवी पत्रकार के साथ पुलिस द्वारा धक्का-मुक्की का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। मेरठ में हुई इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पत्रकार संगठनों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है। मामले को प्रेस की स्वतंत्रता से जोड़ते हुए दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की जा रही है।

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, रिपब्लिक भारत न्यूज चैनल के पत्रकार एक संवेदनशील प्रकरण की कवरेज के लिए मौके पर मौजूद थे। इसी दौरान पुलिसकर्मियों ने उन्हें रिपोर्टिंग से रोकने की कोशिश की। विरोध करने पर अभद्र व्यवहार और धक्का-मुक्की की गई। वायरल वीडियो में पुलिस और पत्रकार के बीच तीखी नोकझोंक साफ तौर पर देखी जा सकती है।

घटना की कड़ी निंदा करते हुए जर्नलिस्ट काउंसिल ऑफ इंडिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. अनुराग सक्सेना ने कहा कि यह घटना लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर सीधा प्रहार है। उन्होंने कहा कि पत्रकार संविधान से मिले अधिकारों के तहत अपनी जिम्मेदारी निभा रहे थे, ऐसे में पुलिस का यह रवैया गंभीर चिंता का विषय है। यदि पत्रकारों को सच्चाई सामने लाने से रोका जाएगा तो शासन-प्रशासन की जवाबदेही पर सवाल खड़े होंगे।

वहीं, संगठन के राष्ट्रीय संयोजक डॉ. आर.सी. श्रीवास्तव ने इसे पूरे मीडिया जगत का अपमान बताते हुए दोषी पुलिसकर्मियों के विरुद्ध तत्काल कठोर कार्रवाई की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने इस प्रकरण को गंभीरता से नहीं लिया तो संगठन को आमरण अनशन जैसे कठोर कदम उठाने पर मजबूर होना पड़ेगा, जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।

मेरठ की यह घटना अब केवल एक स्थानीय विवाद तक सीमित नहीं रही है। यह मामला देशभर में प्रेस की स्वतंत्रता और पुलिस के व्यवहार को लेकर नई बहस छेड़ रहा है। पत्रकार संगठनों का कहना है कि वे कानून-व्यवस्था में बाधा नहीं बनते, लेकिन सच दिखाने से रोकने की किसी भी कोशिश को स्वीकार नहीं किया जा सकता।

उधर, मामले की गंभीरता को देखते हुए जर्नलिस्ट काउंसिल ऑफ इंडिया ने गृह मंत्री को पत्र भेजकर दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। अब सबकी निगाहें सरकार की प्रतिक्रिया और आगे होने वाली कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।

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पत्रकारों के उत्पीड़न को लेकर जर्नलिस्ट काउंसिल ने भरी हुंकार https://sanjayrajput.com/2025/09/journalist-council-raises-voice-against-harassment-of-journalists.html https://sanjayrajput.com/2025/09/journalist-council-raises-voice-against-harassment-of-journalists.html#respond Thu, 18 Sep 2025 05:36:02 +0000 https://sanjayrajput.com/?p=1220 Read more

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पत्रकारों पर लगातार हो रहे हमले और फर्जी मुकदमों को लेकर जर्नलिस्ट काउंसिल ऑफ इंडिया ने एक वर्चुअल मीटिंग करके इस पर नाराजगी व्यक्त की और सरकार से मांग की कि पत्रकारों को कार्य करने हेतु सुरक्षित एवं भय मुक्त माहौल सरकार द्वारा उपलब्ध कराया जाए ताकि पत्रकार निर्भीक होकर अपने कार्य को कर सके और समाज की अच्छाइयों एवं बुराइयों को उपलब्धता के आधार पर व्यक्त कर सकें क्योंकि पत्रकार समाज का आईना होता है। इस अवसर पर जर्नलिस्ट काउंसिल ऑफ इंडिया के एक सैकड़ा से अधिक राष्ट्रीय एवं प्रादेशिक पदाधिकारियों के साथ-साथ अन्य साथियों ने भी हिस्सा लिया और अपने विचार व्यक्त किया।

सर्वप्रथम सभा का आरंभ भी जर्नलिस्ट काउंसिल के अध्यक्ष डॉ अनुराग सक्सेना के द्वारा पत्रकारों पर हो रहे फर्जी मुकदमो और उत्पीड़न को लेकर चिंता व्यक्त करते हुए किया गया डॉक्टर सक्सेना ने कहा कि आज जब छोटे अखबार अपने वजूद की लड़ाई लड़ रहे हैं तब सरकार को ई पेपर को मान्यता देना अति आवश्यक हो गया है।

अपनी प्रक्रिया देते हुए राष्ट्रीय पदाधिकारी राजू चारण ने कहा कि असंगठित पत्रकारों को संगठित होकर एक साथ आवाज उठानी पड़ेगी तभी उनकी समस्याओं का समाधान हो सकेगा और इसके लिए जर्नलिस्ट काउंसिल आफ इंडिया से बेहतर कोई मंच नहीं हो सकता।

राष्ट्रीय पदाधिकारी हरिशंकर परासर ने भी अपनी चिंता व्यक्त की। अपने विचार व्यक्त करते हुए राष्ट्रीय पदाधिकारी झा जी ने भी कहां कि पत्रकारिता समाज का आईना है और इस आईने को साफ सुथरा ही रहने देना चाहिए।

बिहार राज्य के प्रभारी कुणाल भगत ने कहा कि अब तो पत्रकार का शोषण आम बात हो गई है परंतु जर्नलिस्ट काउंसिल ऑफ़ इंडिया इसको कतई बर्दाश्त नहीं करेगी और इसके लिए जिस भी प्रकार के संघर्ष की आवश्यकता होगी किया जाएगा।

इसी प्रकार से कई राज्यों के पदाधिकारी एवं राष्ट्रीय पदाधिकारीयों ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि पत्रकारों की सुरक्षा सर्वप्रथम वरीयता में रखते जर्नलिस्ट काउंसिल ऑफ़ इंडिया अपनी आवाज उठाती रही है और सदैव उठाती रहेगी।

सभा का समापन करते हुए संगठन के राष्ट्रीय संयोजक डॉक्टर आर0 सी0 श्रीवास्तव ने पत्रकारों को एकजुट होकर संगठन को मजबूत करने और संगठन के बैनर तले संघर्ष करने का आह्वान किया उन्होंने कहा कि यदि हम संगठित हो जाते हैं तो किसी भी लड़ाई को आसानी से जीत सकते हैं हमारे लिए पत्रकार हित सदैव प्रथम रहा है।

इस अवसर पर संगठन के पदाधिकारीयों ने देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी को जन्मदिन की शुभकामनाएं प्रेषित करते हुए उनसे अपील की कि जिले के पत्रकारों के साथ-साथ छोटे स्तर के स्थानीय पत्रकारों को भी तवज्जो दी जाए और उनको भी मान्यता देने की प्रक्रिया शुरू की जाए। क्योंकि यदि स्थानीय पत्रकार अपने कर्तव्य को अच्छे से नहीं निभा पायेंगे तो जिले के पत्रकार या वरिष्ठ पत्रकारों को समाचार संकलन असंभव हो जाएगा। देश में लाखों की संख्या में उपस्थित स्थानीय पत्रकार ही अपने जान को जोखिम में डालकर गली-गली से समाचारों का संकलन करता है जो अखबारों की सुर्खियां बनते हैं। इसलिए उनके हित में सोचना अति आवश्यक है।

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जेसीआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ अनुराग सक्सेना ने देहदान का संकल्प ले पेश की मानवता की मिसाल https://sanjayrajput.com/2025/08/jci-national-president-dr-anurag-saxena-set-an-example-of-humanity-by-pledging-to-donate-his-body.html https://sanjayrajput.com/2025/08/jci-national-president-dr-anurag-saxena-set-an-example-of-humanity-by-pledging-to-donate-his-body.html#respond Fri, 01 Aug 2025 06:48:59 +0000 https://sanjayrajput.com/?p=1174 Read more

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जर्नलिस्ट काउंसिल ऑफ इंडिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ अनुराग सक्सेना ने अंगदान और देहदान व्यवस्था से प्रेरित होकर सहर्ष देहदान और अंगदान हेतु स्वयं का अभियान करवा मानवता की मिसाल पेश की है बकौल डॉ सक्सेना मेरा मानना है कि इस संसार में सब कुछ नश्वर है सबकुछ एक दिन नष्ट होगा। ऐसे में यह शरीर भी एक दिन नष्ट होगा और जब आप नष्ट होंगे तो आप पूरी तरह से दूसरों पर निर्भर होंगे ऐसे में आपके साथ क्या होगा यह आप नहीं जानते। वर्तमान पीढी मे आपके दिए संस्कार उस समय क्या निर्णय लेंगे यह भी आपको जानकारी नहीं है। आज के परिदृश्य में तमाम ऐसी घटनाएं सामने आई है कि कोई अंतिम संस्कार तक करने नहीं आया। बच्चो के अच्छे भविष्य के लिए वह हमसे दूर है उस समय आ पाये या किसी परिस्थति के कारण न आ पायें यह समय पर निर्भर है। ऐसे में क्यों न इस देह के अंग दान कर दिया जाये। ऐसा करने से किसी न किसी को इस बेकार शरीर से कोई न कोई लाभअवश्य मिल जायेगा। जैसे जब घर मे रखे बर्तन जब पुराने और बेकार हो जाते है तो उस समय उन्हे फेंकने की नौबत आ जाती है क्योकि खराब चीज कोई रखना नहीं चाहता तो उसे फेंकने से बेहतर है उसके बदले में भले ही एक छोटी चीज ले ली जाये वह अवश्य किसी न किसी के काम आ जाती है। डॉ सक्सेना के इस संकल्प से निःसंदेह समाज में एक पॉजिटिव संदेश जाएगा।

डॉ अनुराग सक्सेना ने बताया कि जर्नलिस्ट काउंसिल ऑफ इंडिया के हमारे राजस्थान प्रदेश के संयोजक डॉ राकेश वशिष्ठ भी पूर्व में 2002 में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान में देहदान और अंगदान का पंजीयन करवा चुके हैं साथ ही अभी तक स्वयं 104 बार रक्तदान कर चुके हैं और अभी तक लगभग 534 व्यक्तियों को मोटिवेट करके देहदान और अंगदान का पंजीयन करवा चुके हैं और लगातार आम जनता को रक्तदान अंगदान और देहदान के लिए प्रेरित कर रहे हैं और युवाओं के प्रेरणा श्रोत बने हुए हैं।

डॉ अनुराग सक्सेना ने बताया के मनुष्य जब जन्म लेता है तब उसे सृष्टि के सृजनकर्ता और प्रकृति और समाज से जीवन पर्यंत बहुत कुछ मिलता है अतः जाते जाते जीवन में कुछ ऐसा कर जाओ कि एक मिसाल बन जाए और हमारी मृत्यु के बाद भी हम किसी न किसी रूप में इस संसार में जीवित रहें और वह हमारे सद्‌कर्म और रक्तदान देहदान और अंगदान हैं जिनके माध्यम से हम अपनी मृत्यु के उपरांत भी किसी व्यक्ति को जीवनदान देते हुए उसके शरीर में किसी न किसी रूप में जीवित रहते हैं अतः समाज में कैंप आयोजित कर लोगों को जागरूक कर अधिक से अधिक रक्तदान देहदान और अंगदान की जागरूकता फैलाने के लिए कटिबद्ध होकर कार्य करने की आवश्यकता है। डॉ सक्सेना के इस कदम की इष्ट मित्रों समाजसेवकों ने भूरी भूरी प्रशंसा की और बधाई दी।

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