Up news – SanjayRajput.com https://sanjayrajput.com सच की ताकत Fri, 30 Jan 2026 06:22:40 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=6.9.4 https://sanjayrajput.com/wp-content/uploads/2024/07/cropped-91-98392-81815-20231027_230113.jpg Up news – SanjayRajput.com https://sanjayrajput.com 32 32 235187837 उत्तर प्रदेश में संपत्ति रजिस्ट्रेशन में आधार-बायोमेट्रिक सत्यापन 1 फरवरी से अनिवार्य https://sanjayrajput.com/2026/01/aadhaar-biometric-property-registration-up-february-2026.html https://sanjayrajput.com/2026/01/aadhaar-biometric-property-registration-up-february-2026.html#respond Fri, 30 Jan 2026 06:22:40 +0000 https://sanjayrajput.com/?p=1338 Read more

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उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य में संपत्ति रजिस्ट्री प्रक्रिया में बड़ा बदलाव करते हुए 1 फरवरी 2026 से आधार आधारित पहचान और बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण अनिवार्य कर दिया है। इस फैसले का उद्देश्य पंजीकरण प्रणाली को अधिक सुरक्षित और पारदर्शी बनाना है, जिससे जमीन और संपत्ति से जुड़े जालसाज़ियों पर रोक लग सके।

इस नई व्यवस्था के तहत, अब दस्तावेज़ रजिस्ट्रेशन के समय सभी पक्षकारों — यानी खरीदारों, विक्रेताओं और गवाहों — की पहचान ई-केवाईसी, फिंगरप्रिंट/बायोमेट्रिक और ई-हस्ताक्षर के माध्यम से सत्यापित की जाएगी। बिना सफल प्रमाणीकरण के रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ेगी।

राज्य के स्टाम्प एवं रजिस्ट्रेशन विभाग के मंत्री ने बताया कि यह कदम भूमि और संपत्ति धोखाधड़ी को रोकने, दस्तावेजों की प्रामाणिकता बढ़ाने और रजिस्ट्रेशन प्रणाली की विश्वसनीयता मजबूत करने के लिए उठाया गया है।

अब तक संपत्ति रिकॉर्ड के डिजिटलीकरण का भी बड़ा हिस्सा पूरा हो चुका है, जिससे रजिस्ट्री प्रक्रिया आधुनिक तकनीक के अनुरूप और अधिक सुदृढ़ बन रही है।

मुख्य बातें

  • 1 फरवरी 2026 से राज्य के सभी उप-निबंधक कार्यालयों में आधार-आधारित प्रमाणीकरण अनिवार्य होगा।
  • खरीदार, विक्रेता और गवाह, तीनों का सत्यापन ई-केवाईसी और बायोमेट्रिक के जरिए किया जाएगा।
  • इससे फर्जी रजिस्ट्रियों और जालसाज़ी को प्रभावी रूप से रोका जा सकेगा।
  • डिजिटल रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया को मजबूती मिलेगी और नागरिकों के अधिकारों की सुरक्षा बेहतर होगी।

यह नई व्यवस्था उत्तर प्रदेश सरकार की डिजिटल गवर्नेंस और पारदर्शिता बढ़ाने की दिशा में उठाए गए कदम का हिस्सा है।

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यूपी में अब नहीं पास कराना होगा नक्शा, इस मानक का करना होगा पालन https://sanjayrajput.com/2025/05/up-no-need-for-map-approval-to-build-houses-in-up-new-rules-house-maping.html https://sanjayrajput.com/2025/05/up-no-need-for-map-approval-to-build-houses-in-up-new-rules-house-maping.html#respond Tue, 06 May 2025 06:46:48 +0000 https://sanjayrajput.com/?p=1119 Read more

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मैप पासिंग का झंझट खत्म, योगी सरकार ने दी आम जनता को बड़ी राहत

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश के लोगों को बड़ा तोहफा दिया है. सरकार ने राज्य के नागरिकों को बड़ी राहत देते हुए भवन निर्माण से जुड़े नियमों में ऐतिहासिक बदलाव किया है. घर का नक्शा पास करने में जो शोषण होता है और उसके बाद में जिस तरह धन उगाही होती है, उसको रोकने के लिए बड़ा निर्णय लिया गया है. 1000 वर्गफीट तक के प्लॉट पर मकान बनाने के लिए नक्शा पास कराने की आवश्यकता नहीं होगी. इसके साथ ही भ्रष्टाचार और धन उगाही पर भी अंकुश लगाने की दिशा में यह बड़ा कदम माना जा रहा है. CM के द्वारा स्वीकृत नए भवन निर्माण एवं विकास उपविधि 2025 के तहत कई जटिल प्रक्रियाएं आसान कर दी गई हैं. आवास विभाग के प्रमुख सचिव पी. गुरु प्रसाद के अनुसार अब 5000 वर्गफीट तक के निर्माण के लिए आर्किटेक्ट का प्रमाण पत्र ही पर्याप्त होगा.

छोटे प्लॉट पर भी बन सकेंगे अपार्टमेंट

पहले जहां अपार्टमेंट निर्माण के लिए 2000 वर्गमीटर का प्लॉट आवश्यक होता था अब 1000 वर्गमीटर में भी इसकी अनुमति मिल सकेगी. अस्पताल और कमर्शियल बिल्डिंग के लिए 3000 वर्गमीटर का क्षेत्र पर्याप्त होगा.

प्रोफेशनल्स के लिए राहत

नए बायलॉज के अनुसार मकान के 25% हिस्से में नर्सरी क्रैच होम स्टे या प्रोफेशनल्स जैसे डॉक्टर, वकील, आर्किटेक्ट और चार्टर्ड अकाउंटेंट्स अपने कार्यालय चला सकेंगे इसके लिए नक्शे में अलग से जिक्र जरूरी नहीं होगा.

NOC की तय समय सीमा

अब नक्शा पास कराने के लिए विभिन्न विभागों को 7 से 15 दिन के भीतर अनापत्ति प्रमाण पत्र NOC देना होगा तय समय में जवाब नहीं मिलने पर वह NOC स्वतः मान्य हो जाएगा.

कॉमर्शियल गतिविधियों को भी मिली मंजूरी

24 मीटर या उससे अधिक चौड़ी सड़कों पर रिहायशी इलाकों में दुकान और दफ्तर खोलने की अनुमति दी गई है वहीं इससे कम चौड़ी सड़कों पर डॉक्टर वकील जैसे प्रोफेशनल्स अपने कार्यालय संचालित कर सकेंगे.

ऊंची इमारतों के लिए खुली छूट

45 मीटर चौड़ी सड़कों पर अब जितनी ऊंची चाहें उतनी ऊंची इमारतें बनाई जा सकेंगी। फ्लोर एरिया रेशियो FAR को भी 3 गुना तक बढ़ाया गया है जिससे शहरों में ऊंचे भवन निर्माण को बढ़ावा मिलेगा. यह निर्णय न केवल आम जनता को राहत देगा बल्कि शहरी विकास में पारदर्शिता और गति भी सुनिश्चित करेगा.

पहले क्या थी व्यवस्था

पहले प्राधिकरण और आवास विकास क्षेत्र में प्रत्येक भूखंड पर भवन बनाने के लिए नक्शा पास करना जरूरी होता था. अब सौ स्क्वायर मीटर तक तो नक्शा पास नहीं करना होगा. जबकि 500 स्क्वायर मीटर में अब नक्शा पास करने की आवश्यकता नहीं होगी, केवल आर्किटेक्ट से नक्शा बनवाकर अनुमोदित करना होगा.

अब रिहायशी इलाकों में हो सकेगी कॉमर्शियल एक्टीविटी

जहां तक मकान में दुकान और कॉमर्शियल एक्टिविटी की बात है तो विकास प्राधिकरण क्षेत्र के रेजिडेंशियल लैंडयूज में किसी तरह का व्यावसायिक निर्माण मान्य नहीं था. अब 24 मीटर से अधिक चौड़ी सड़क पर कॉमर्शियल निर्माण रिहायशी में भी किया जा सकेगा. इसके अलावा इससे कम चौड़ी सड़क पर जो भी प्रोफेशनल लोग हैं, जैसे वकील, डॉक्टर, आर्किटेक्ट वे अपने कार्यालय और क्लीनिक खोल सकेंगे.

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Guest House Kand Mayawati: कहानी उस गेस्ट हाउस कांड की जिसके बाद मायावती ने कभी साड़ी नहीं पहनी https://sanjayrajput.com/2025/03/guest-house-kand-mayawati.html https://sanjayrajput.com/2025/03/guest-house-kand-mayawati.html#respond Sun, 02 Mar 2025 02:12:02 +0000 https://sanjayrajput.com/?p=1054 Read more

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-बसपा विधायकों को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा गया था

Guest House Kand Mayawati: बात 2 जून 1995 की है। प्रदेश में सपा-बसपा गठबंधन की सरकार थी। बसपा गठबंधन तोड़ने के लिए स्टेट गेस्ट हाउस में बैठक कर रही थी। तभी सपा के विधायक और समर्थक पहुंच गए। उन्होंने मारपीट शुरू कर दी। बसपा विधायकों को उठाकर गाड़ियों में भरने लगे। मायावती के साथ बदसलूकी की। मायावती ने खुद को एक कमरे में बंद कर लिया।

4 घंटे बाद जब कमरा खुला तब यूपी की राजनीति के माथे पर गेस्ट हाउस कांड नाम का एक ऐसा कलंक लग चुका था जो आज तक मिट नहीं सका।

2 जून को मीराबाई स्टेट गेस्ट हाउस लखनऊ में जो हुआ वह अचानक नहीं हुआ। इसकी पटकथा 1 साल पहले से लिखी जानी शुरू हो गई थी।

ऐसे में सीधे उस दिन की नहीं, बल्कि उस पटकथा से कहानी शुरू करते हैं, जब बीजेपी को रोकने के लिए सपा-बसपा एक हुए और सरकार बनाई…

6 दिसंबर 1992 को बाबरी मस्जिद गिरी तो केंद्र सरकार ने कल्याण सिंह सरकार को बर्खास्त कर दिया। 1993 में चुनाव हुए।

बीजेपी की लोकप्रियता से वाकिफ सपा और बसपा के नेताओं ने तय किया कि साथ चुनाव लड़ेंगे। मुलायम सिंह ने 256 सीटों पर प्रत्याशी उतारे। 109 जीत गए।

कांशीराम ने 164 उतारे, उनमें 67 जीत गए। बीजेपी के खाते में 177 सीटें आई थीं जो 212 के बहुमत के आंकड़ों से दूर थी। गौरतलब है कि उस वक्त यूपी-उत्तराखंड एक थे और सीटों की संख्या 422 थी।

सपा और बसपा ने मिलकर सरकार बना ली। शुरुआत में सरकार सही चली। मंडल कमीशन की रिपोर्ट, सरकारी नौकरियों और शिक्षा संस्थाओं में दलितों और पिछड़ी जातियों के लिए आरक्षण के प्रति समर्थन ही दोनों पार्टियों को जोड़ने का सैद्धांतिक सूत्र था।

सरकार बनने के बाद कांशीराम ने यूपी की जिम्मेदारी मायावती को सौंप दी और खुद दूसरे राज्यों में पार्टी का विस्तार करने में जुट गए।

सीएम को बुलाकर इंतजार करवाते, फिर लुंगी पहनकर मिलने जाते कांशीराम

मायावती के जीवन पर लिखी किताब ‘बहनजी’ में अजय बोस लिखते हैं, “कांशीराम कभी मुलायम से मिलने नहीं जाते थे। उनकी जिद होती थी कि मुलायम सिंह उनसे मिलने राज्य के अतिथि-गृह में आएं। मुलायम आते थे तब कांशीराम आधे-आधे घंटे इंतजार करवाते थे। अंत में बड़ी लापरवाही के साथ बनियान और लुंगी पहनकर नीचे उतरते थे। मीडिया के कैमरों के कारण मुलायम का संकोच और बढ़ जाता था।”

पंचायत चुनाव में बसपा हारी और सपा जीती तो दूरियां बढ़ गई

1995 में राज्य में पंचायत चुनाव हुए। 50 जिलों में 30 पर सपा जीत गई। 9 में बीजेपी, पांच पर कांग्रेस और बसपा के हाथ में महज एक सीट आई।

इस रिजल्ट से साफ हो गया कि सपा-बसपा गठबंधन के बीच फायदा सपा को ही हुआ। यहीं से दोनों पार्टियों के बीच विवाद गहराया। एक तरफ मुलायम सिंह बसपा के विधायकों को अपने पाले में करने लग गए। दूसरी तरफ बसपा बीजेपी के संपर्क में आने लगी।

अब बात गेस्ट हाउस कांड की करते हैं…

धमकी और मारपीट के दम पर विधायकों को अपने पाले में करने की कोशिश

1 जून 1995 को मुलायम सिंह को खबर लग गई कि बसपा समर्थन वापस लेने जा रही है। मायावती ने उस वक्त के राज्यपाल मोतीलाल वोरा से मिलकर बीजेपी के सहारे सरकार बनाने का प्रस्ताव रखा। मुलायम गुस्से से लाल हो गए।

बसपा के प्रदेश अध्यक्ष रामबहादुर को अपने पाले में कर लिया। उनके साथ 15 और विधायक भी आ गए। लेकिन दल-बदल कानून से बचने के लिए एक तिहाई सदस्य चाहिए, यानी 8 और विधायक चाहिए थे।

अजय बोस बताते हैं, “कांशीराम के अस्पताल में होने के कारण मुलायम सिंह इस बात को लेकर निश्चिंत थे कि सरकार चलती रहेगी। क्योंकि बसपा के कई विधायक पहले से जेब में थे। लेकिन जब समर्थन वापस लेने की बात आई तब तय हुआ कि बसपा के और विधायकों को डरा धमकाकर अपने पाले में किया जाए।”

मायावती बैठक कर रही थीं तभी ‘चमार पागल हो गए’ की आवाज आने लगी

2 जून 1995, मायावती लखनऊ के मीराबाई स्टेट गेस्ट हाउस में पार्टी के विधायकों और सांसदों के साथ मीटिंग कर रही थीं। उस वक्त वह इसी गेस्ट हाउस के रूम नंबर 1 में रहती थीं। सभी विधायक कॉमन हाल में बैठे थे। चार बजे थे तभी सपा के करीब 200 कार्यकर्ता और विधायक गेस्ट हाउस पहुंच गए। उनकी पहली लाइन थी, “चमार पागल हो गए हैं।”

विधायकों को उठाया और गाड़ी में फेंकना शुरू किया, सपा कार्यकर्ता भद्दी-भद्दी गालियां दे रहे थे। जातिसूचक सबसे अधिक। बसपा के विधायकों ने मेन गेट बंद करना चाहा तभी उग्र भीड़ ने उसे तोड़ दिया। इसके बाद बसपा के विधायकों को हाथ-लात और डंडों से पीटा जाने लगा।

पिटाई के दौरान विधायकों से मुलायम सिंह को समर्थन देने के लिए एक शपथ पत्र पर सिग्नेचर करवाया जा रहा था। विधायक इतने डर गए कि कोरे कागज पर सिग्नेचर करके देने लगे। पांच बसपा विधायकों को जबरन गाड़ी में बैठा लिया गया।

मायावती ने खुद को एक कमरे में बंद कर लिया, मायावती के साथ बदसलूकी हुई। उन्होंने भागकर अपने आप को एक कमरे में बंद कर लिया। उनके अलावा कमरे में दो और लोग थे। उनमें एक सिकंदर रिजवी थे। उपद्रव कर रहे लोग दरवाजा पीटने लगे। कह रहे थे, “चमार औरत को उसकी मांद में से घसीटकर बाहर निकालो।”

अंदर से सिकंदर रिजवी ने दरवाजे के पास सोफे और मेज को लगा दिया, ताकि अगर सिटकनी टूटे भी तो दरवाजा न खुल सके। उस वक्त पेजर का चलन था, प्रशासन को सूचना दी गई। मौके पर बड़े अधिकारी पहुंचे।

बताया जाता है कि, 1995 के गेस्टहाउस कांड में जब कुछ कथित तौर पर सपा के गुंडों ने बसपा सुप्रीमो मायावती को कमरे में बंद करके मारा और उनके कपड़े फाड़ दिए थे. किसी तरह मायावती ने अपने को कमरे में बंद किया था और बाहर से समाजवादी पार्टी के विधायक और समर्थक दरवाजा तोड़ने में लगे हुए थे. इस बीच, कहा जाता है कि अपनी जान पर खेलकर बीजेपी विधायक ब्रम्हदत्त द्विवेदी मौके पर पहुंचे और सपा विधायकों और समर्थकों को पीछे ढकेला. बता दें कि ब्रह्मदत्त द्विवेदी की छवि भी दबंग नेता की थी. यूपी की राजनीति में इस कांड को गेस्टहाउस कांड कहा जाता है और ये भारत की राजनीति के माथे पर कलंक है. खुद मायावती ब्रम्हदत्त द्विवेदी को भाई कहने लगीं और सार्वजनिक तौर पर कहती रहीं कि अपनी जान की परवाह किए बिना उन्होंने मेरी जान बचाई थी. जानकारी के लिए बता दें कि ब्रम्हदत्त द्विवेदी संघ के सेवक थे और उन्हें लाठी चलानी भी बखूबी आती थी इसलिए वो एक लाठी लेकर हथियारों से लैस गुंडों से भिड़ गए थे. यही वजह है कि मायावती ने भी उन्हें हमेशा अपना बड़ा भाई माना और कभी उनके खिलाफ अपना उम्मीदवार खड़ा नहीं किया. पूरे राज्य में मायावती बीजेपी का विरोध करती रहीं, लेकिन फर्रुखाबाद में ब्रम्हदत्त द्विवेदी के लिए प्रचार करती थीं.

SSP कार्रवाई के बजाय सिगरेट फूंक रहे थे

अजय बोस लिखते हैं, जिस वक्त गेस्ट हाउस में यह घटना हो रही थी उस वक्त लखनऊ के सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस ओपी सिंह मौजूद थे। वह कार्रवाई के बजाय सिर्फ सिगरेट पीते हुए नजर आए। कुछ देर बाद गेस्ट हाउस की बिजली और पानी सप्लाई रोक दी गई। इसका भी आरोप उन्हीं पर लगा।

सरकार का आदेश था कि विधायकों पर लाठी चार्ज नहीं होगा, एसपी राजीव रंजन जिला मजिस्ट्रेट के साथ मिलकर गेस्ट हाउस खाली करवाने में जुट गए। पहले उन्होंने उन्हें निकाला जो विधायक नहीं थे। इसके बाद वह विधायकों को निकालने लगे तो बहस हो गई।

सरकार का आदेश था कि विधायकों पर लाठी चार्ज नहीं किया जाए। लेकिन स्थिति ऐसी थी कि बल प्रयोग करना पड़ा। रात के 9 बजे से 11 बजे तक इस मामले में राज्यपाल कार्यालय, केंद्र सरकार और वरिष्ठ बीजेपी नेताओं का दखल हो गया और भारी सुरक्षा बल पहुंच गया।

अगले दिन मायावती मुख्यमंत्री बन गईं

रात में जब भारी पुलिस फोर्स पहुंची और मायावती को लग गया कि अब वह सुरक्षित हैं तब जाकर कमरे से बाहर आईं। मायावती को किसने बचाया, सवाल पर वरिष्ठ पत्रकार शरत प्रधान कहते हैं कि बीजेपी नेताओं ने बचाया जैसे दावों में दम नहीं है।

जब यह घटना शुरू हुई तो यहां भारी संख्या में मीडिया पहुंच गई। सपा के लोग हटाना चाहते थे, लेकिन मीडिया हटी नहीं। 2 जून को मायावती 39 साल की उम्र में यूपी की मुख्यमंत्री बन गई।

आखिरी बात मायावती की बदली ड्रेस को लेकर

गेस्ट हाउस कांड के बाद माया ने कभी साड़ी नहीं पहनी, 2 जून से पहले मायावती अक्सर साड़ी पहने हुए नजर आती थीं, लेकिन इस घटना के बाद उन्होंने कभी साड़ी नहीं पहनी।

घटना के समय मौजूद रहे लोग बताते हैं कि उस वक्त उपद्रवियों के हाथ मायावती की साड़ी तक पहुंच गए थे। लेकिन ऐसी किसी भी घटना की चर्चा न उन्होंने अपनी आत्मकथा में लिखी और न ही उनके ऊपर किताब लिखने वालों ने लिखा।

Disclaimer: यह लेख मायावती के जीवन पर आधारित अजय बोस की किताब ‘बहनजी’ तथा विभिन्न समाचार पत्र-पत्रिकाओं में छपी खबरों और प्रत्यक्षदर्शियों के मीडिया में दिए गए इंटरव्यू पर आधारित है। यह लेखक के निजी विचार नहीं हैं।

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लखीमपुर खीरी में छुट्टा पशुओं के विवाद में 2 की हत्या https://sanjayrajput.com/2024/08/lakhimpur-kheri-double-murder.html https://sanjayrajput.com/2024/08/lakhimpur-kheri-double-murder.html#respond Mon, 05 Aug 2024 12:15:45 +0000 https://sanjayrajput.com/?p=658 Read more

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Lakhimpur Kheri News: लखीमपुर खीरी जिले में सनसनीखेज वारदात हुई है। भीरा थाना क्षेत्र के देवरिया रणा गांव में शुक्रवार की रात घर में छुट्टा जानवर घुसने से नाराज दबंगों ने दो युवकों की पीट- पीटकर हत्या कर दी।

रामजीत, गुड्डू, विनीत, कौशल, रामदेव, अमन, लोकेंद्र और सोनी सिंह द्वारा गांव के छुट्टा पशुओं को भगाया जा रहा था। तो दूसरे पक्ष के संतराम, सुशील राजकुमार सौरभ अशोक मायाराम और रामगोपाल ने इसका विरोध जताते हुए कहा छुट्टा पशुओं को हमारे तरफ क्यो भागा रहे हो, इस बात को लेकर दोनो पक्षों में विवाद हो गया।

विवाद में 1. रामजीत सिंह पुत्र जसवंत सिंह 2. गुड्डू सिंह पुत्र रामदेव सिंह 3.विनीत सिंह पुत्र सोनू सिंह 4.कौशलेंद्र पुत्र रंजीत सिंह 5.रामदेव सिंह पुत्र चंद्रमा 6.अमन सिंह पुत्र बृजेश सिंह 7.लोकेंद्र प्रताप पुत्र रंजीत सिंह भू 8.सोनी सिंह पत्नी सोनू सिंह गंभीर रूप से घायल हो गई जिन्हें बिजुआ सरकारी अस्पताल ले जाया गया वहां से इन्हे लखीमपुर मुख्यालय रेफर किया गया। गंभीर हालत में लखीमपुर से लखनऊ भेजे गए गुड्डू सिंह पुत्र रामदेव सिंह और राम जीत सिंह पुत्र जसवंत सिंह की इलाज के दौरान केजीएमयू में मौत हो गई है।

Lakhimpur Kheri double murder

आपसी संघर्ष में दो लोगों की मौत के बाद मामला धीरे-धीरे जातीय रंग लेने लगा है। घटना में दोनों मृतकों के क्षत्रिय होने के चलते करणी सेना अध्यक्ष ने अपने समर्थकों के साथ गांव में डेरा डाल दिया है।

Lakhimpur Kheri double murder case 3 aug

दो लोगों की मौत के बाद क्षत्रिय बहुल गांव में दूसरे पक्ष के लोग दहशत में आकर पलायन कर गए हैं। करणी सेना के पदाधिकारी सुबह से ही उग्र हैं और आरोपियों के घर बुलडोजर चलाने की मांग कर रहे हैं। गांव में तनाव का माहौल है। दोनों शवों का पोस्टमार्टम लखनऊ में कराया गया और शवों के गांव पहुंचने पर परिजनों ने हंगामा किया, जिसे प्रशासन ने समझा-बुझा कर शांत कराया।

Lakhimpur Kheri double murder case

आईजी प्रशांत कुमार के जाने के बाद मृतक के परिजनों ने भीरा-पलिया हाईवे जाम कर दिया और भीरा थानाध्यक्ष शिवाजी दुबे को हटाने की मांग तेज कर दी। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस ने साथ थानों की पुलिस और पीएसी की कंपनी को गांव में तैनात कर दिया है। एहतियात बरतते हुए दूसरे पक्ष के लोगों के घरों की सुरक्षा में भी पुलिस और पीएसी तैनात है।

दो पक्षों में पशुओं को भगाने को लेकर विवाद हुआ था। मारपीट हुई एक पक्ष के दो लोगों की लखनऊ में मौत हुई है। घायल भी लोग हुए हैं। उनको अस्पताल में भर्ती कराया गया परिजनों की तहरीर पर FIR दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है।

-गणेश प्रसाद साहा, एसपी लखीमपुर खीरी

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अंतर्राष्ट्रीय कराटे प्रतियोगिता में इंटरनेशनल सोतोकान कराटे डू-क्योकाई गोरखपुर के बच्चों का शानदार प्रदर्शन https://sanjayrajput.com/2024/07/gorakhpur-players-won-medals-in-international-karate-championship.html https://sanjayrajput.com/2024/07/gorakhpur-players-won-medals-in-international-karate-championship.html#respond Wed, 31 Jul 2024 06:39:21 +0000 https://sanjayrajput.com/?p=646 Read more

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अंतर्राष्ट्रीय ओपेन कराटे चैंपियनशिप 26, 27, 28 जुलाई को कोलकाता के नेताजी इनडोर स्टेडियम में आयोजित की गई, जिसमें भारत के साथ-साथ बांग्लादेश, नेपाल, भूटान, श्रीलंका, मलेशिया, सऊदी अरब, ईरान आदि देशों के खिलाड़ियों ने भाग लिया। 

इस प्रतियोगिता में गोरखपुर जनपद के नगर पंचायत गोला तथा नगर पंचायत बांसगांव के खिलाड़ियों ने भी हिस्सा लिया, जिनका प्रशिक्षण केंद्र इंटरनेशनल सोतोकान कराटे डू-क्योकाई (ISKK) गोरखपुर है।

गोरखपुर के खिलाड़ियों ने कराटे खेल का शानदार प्रदर्शन कर अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर जीत हासिल करते हुए पदकों पर कब्जा किया, जिसमें सीनियर कैटेगरी में आदित्य सिंह तथा शिवांश सिंह ने गोल्ड मेडल, आयुष कुमार सिंह तथा जितेंद्र कुमार ने सिल्वर मेडल, रतन कुमार, आबिद हुसैन, अनमोल राव, सतीश कुमार मौर्य, विशाल भारती तथा मंगेश कुमार ने ब्रोंज मेडल पर कब्जा किया। साथ ही जूनियर कैटेगरी में 11 वर्ष में उदित विश्वकर्मा ने सिल्वर मेडल तथा राज कपूर ने ब्रांच मेडल पर कब्जा किया।

अंतरराष्ट्रीय कराटे के अध्यक्ष प्रेमजीत सेन की अध्यक्षता में और इंटरनेशनल सोतोकान कराटे डू- क्योंकाई (आईएसकेके) के महासचिव तथा राष्ट्रीय कराटे जज तथा राष्ट्रीय कराटे कोच दीपक शाही जो अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा खेलकूद प्रकोष्ठ गोरखपुर के जिलाध्यक्ष भी हैं, उनकी देखरेख में यह अंतरराष्ट्रीय कराटे प्रतियोगिता संपन्न हुई।

साथ ही कोषाध्यक्ष और अध्यक्ष आरसी कराटे एसोसिएशन ऑफ इंडिया, कराटे एसोसिएशन ऑफ बंगाल, केएबीके अध्यक्ष और ए ग्रेड के जज और रेफरी एशियन कराटे फेडरेशन और वर्ल्ड कराटे फेडरेशन की देखरेख में यह अंतर्राष्ट्रीय कराटे प्रतियोगिता आयोजित हुई।

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GDA Gorakhpur का खेल: 25 साल पुराने हजारों मकानों को कर दिया अवैध घोषित, खौफ में निवासी https://sanjayrajput.com/2024/07/gda-gorakhpur-mahayojna-2031.html https://sanjayrajput.com/2024/07/gda-gorakhpur-mahayojna-2031.html#respond Tue, 30 Jul 2024 06:22:41 +0000 https://sanjayrajput.com/?p=639 Read more

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-GDA Gorakhpur ने अपनी महायोजना-2031 में नए बसे मोहल्लों को घोषित किया आवासीय, 25 साल पुरानी कालोनियों को दिखाया हरित क्षेत्र 

-GDA Gorakhpur के गलत फैसले से भूतपूर्व सैनिकों के हजारों मकान अवैध घोषित

-बने हैं 10 हजार से अधिक मकान फिर भी जीडीए की महायोजना-2031 में यहां का लैंड यूज आवासीय नहीं

GDA Gorakhpur Mahayojna 2031: सीएम सिटी गोरखपुर के वार्ड संख्या 7 महादेव झारखंडी टुकड़ा नं. 2 के मोहल्लों आदर्श नगर, गैस गोदाम रोड, प्रज्ञा पुरम, वसुंधरा नगर, साई धाम नगर, सरवन नगर, स्वर्ण सिटी सहित तमाम कॉलोनी जिनका महायोजना-2031 में जीडीए ने लैंड यूज आवासीय के स्थान पर ग्रीन लैंड घोषित कर दिया था, जिसे लेकर स्थानीय लोग बहुत डरे हुए हैं। लोगों को जिंदगी भर की पूंजी लगाकर बने अपने आशियाने को तोड़े जाने का डर चैन से जीने नहीं दे रहा।

इसी सिलसिले में विगत 11 मार्च को स्थानीय लोगों ने सदर सांसद और जीडीए वीसी से मिलकर अपना विरोध दर्ज कराया था, जिसके बाद जीडीए उपाध्यक्ष द्वारा मौका मुआयना करने का आश्वासन दिया गया था। लेकिन 4 माह से अधिक का समय बीत जाने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं होने पर स्थानीय नागरिक बहुत अक्रोशित हैं।

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बता दें कि जीडीए की महायोजना 2031 में महादेव झारखंडी टुकड़ा नं.2 के 25 साल पुराने दर्जनों मोहल्लों के आवासीय क्षेत्र को ग्रीन बेल्ट घोषित किए जाने का विरोध दर्ज करने पर विगत मार्च में जीडीए उपाध्यक्ष द्वारा स्थानीय लोगों को बुलाकर उन्हें आश्वासन दिया गया था कि एक से दो दिनों के अंदर वे स्वयं महादेव झारखंडी टुकड़ा नं 2 के संबंधित मोहल्लों का निरीक्षण कर अपनी रिपोर्ट शासन को सौंप देंगे। लेकिन 4 माह से अधिक का समय बीत जाने के बाद भी जीडीए ने इस मामले में कोई कदम नहीं उठाया।

गौरतलब है कि महादेव झारखंडी टुकड़ा नं 2 के इन मोहल्लों में लगभग 10 हजार से अधिक मकान भी बन चुके हैं जिनमें अधिकतर मकान 25-30 साल पुराने हैं। उसके बाद भी जीडीए ने महायोजना 2031 में यहां का लैंड यूज आवासीय न करते हुए इसे ग्रीन लैंड घोषित कर दिया है। जबकि महायोजना 2031 में जहां ताल कंदरा है, कुछ भी नहीं बना है वहां का लैंड यूज जीडीए द्वारा आवासीय कर दिया गया है। इसी को लेकर यहां के स्थानीय नागरिक विरोध कर रहे हैं। इस मामले में स्थानीय लोगों ने 1200 आपत्तियां भी दर्ज कराई थी।

इसी के चलते स्थानीय लोगों ने विगत 11 मार्च को बड़ी संख्या में सदर सांसद रवि किशन शुक्ला और जीडीए उपाध्यक्ष को ज्ञापन भी दिया था लेकिन आज 4 माह से अधिक समय बीत जाने के बाद भी जीडीए ने कोई पहल नहीं की है। जबकि स्थानीय लोग जीडीए द्वारा अपने मकानों के अवैध घोषित किए जाने के कारण बहुत डरे हुए हैं।

बता दें कि गोरखपुर एम्स से सटे इन मोहल्लों में अधिकतर भूतपूर्व सैनिक मकान बनाकर रहते हैं। यहां के अधिकतर मकान वर्ष 1998 से 2000 के बीच ही बन गए थे लेकिन जीडीए ने किस मापदंड के आधार पर इतनी पुरानी कॉलोनियों को अपनी महायोजना 2031 में आवासीय की जगह ग्रीन बेल्ट (हरित क्षेत्र) घोषित कर दिया है ये बात समझ से परे है।

जीडीए द्वारा उनके मोहल्लों को ग्रीन बेल्ट घोषित किए जाने से अक्रोशित स्थानीय लोगों का कहना है कि लगता है ये सौतेला व्यवहार नए विकसित हो रहे इलाकों में प्लाटिंग करा चुके भू-माफियाओं को लाभ पहुंचाने के लिए किया गया है।

इस संबंध में जीडीए गोरखपुर के उपाध्यक्ष (वीसी) आनंद वर्धन का कहना है कि-

Gda vc anand vardhan

“मामला संज्ञान में है। महायोजना-2031 में शामिल करने का प्रयास किया गया था पर कुछ तकनीकी कारणों से नहीं हो पाया। यहां राहत देने का प्रयास किया जा रहा है।”

कारण चाहे जो भी हो लेकिन जीडीए के इस एक फैसले से अपनी जिंदगी भर की कमाई लगाकर बना लोगों का आशियाना एक ही झटके में अवैध निर्माण घोषित हो चुका है जिसके तोड़े जाने का डर स्थानीय लोगों को चैन से जीने नहीं दे रहा है।

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यूपी पुलिस भर्ती परीक्षा को लेकर सरकार का बड़ा फैसला https://sanjayrajput.com/2024/07/up-police-constable-re-exam-2023.html https://sanjayrajput.com/2024/07/up-police-constable-re-exam-2023.html#respond Sat, 27 Jul 2024 17:34:09 +0000 https://sanjayrajput.com/?p=606 Read more

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उत्तर प्रदेश सरकार ने UP Police Constable Re-exam को लेकर एक बड़ा एलान किया है, जिससे अभ्यर्थियों में खुशी की लहर है। 

यूपी सरकार ने एलान किया है कि अगस्त में दोबारा आयोजित होने वाली UP Police Constable Re-exam – 2023 के लिए राज्य सड़क परिवहन निगम की निःशुल्क बस सेवा की सुविधा रहेगी।

बस से यात्रा करने वाले अभ्यर्थियों को अपने प्रवेश पत्र की अतिरिक्त दो प्रतियों को डाउनलोड करना होगा जिसमें से एक प्रति परीक्षा केन्द्र के जनपद तक की यात्रा एवं दूसरी प्रति परीक्षा उपरान्त अपने जनपद तक की यात्रा के लिए बस कंडक्टर को प्रस्तुत करना होगा। जिससे अभ्यर्थी सुविधापूर्वक परीक्षा केन्द्र तक पहुंच सकें।

बता दें कि एक बार परीक्षा निरस्त होने के बाद दोबारा परीक्षा आयोजित होने पर अभ्यर्थियों को परीक्षा केंद्रों तक आने जाने में अतिरिक्त खर्च न वहन करना पड़े इसलिए सरकार द्वारा ये अहम फैसला लिया गया है।

UP Police Constable Re-exam: उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड ने पुलिस कॉन्सटेबल के री-एगजाम की तारीखों का ऐलान कर दिया है. बोर्ड ने आरक्षी नागरिक पुलिस के 60244 पदों पर सीधी भर्ती-2023 की लिखित परीक्षा 23,24,25 अगस्त और 30,31 अगस्त 2024 को आयोजित कराने का फैसला लिया गया है. बता दें कि यह परीक्षा धांधली के आरोपों के चलते पहले निरस्त की जा चुकी है.

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सपा ने केशव मौर्य को कहा कुकर्मी, पापी, भ्रष्टाचारी, चोट्टा, निर्लज्ज फिर… https://sanjayrajput.com/2024/07/keshav-maurya-akhilesh-yadav.html https://sanjayrajput.com/2024/07/keshav-maurya-akhilesh-yadav.html#respond Sat, 27 Jul 2024 06:53:26 +0000 https://sanjayrajput.com/?p=593 Read more

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यूपी के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने आज सुबह अपने एक्स @kpmaurya1 पर अखिलेश यादव को ट्वीट करके कहा-

कांग्रेस के मोहरा सपा मुखिया श्री @yadavakhilesh जी 2027 में पराजय सुनिश्चित देख अनाप-शनाप बयानबाज़ी कर रहे हैं।

जनता से झूठ बोल कर 2024 में मिली सफलता से वह ग़ुब्बारे की तरह फूल गए, उन्हें 2014/17/19/22 में सपा की पराजय याद रखना चाहिए।

2027 में 2017 दोहरायेंगे।

देखें यूपी के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य का ट्वीट-

https://twitter.com/kpmaurya1/status/1817051851994575148?t=Tk90AfDyyAv1xq9uFBv6Jg&s=19

इसके जवाब में सपा के मीडिया सेल के एक्स हैंडल @MediaCellSP से जो जवाब आया वो बेहद अभद्र था और उसमें केशव मौर्य के लिए बहुत ही अपमानजनक भाषा का प्रयोग किया गया है।

पढ़िए…

तुम अपना देखो @kpmaurya1

दिल्ली वाले तुम्हारी बैटरी चार्ज करके तुम्हें लखनऊ वापिस भेज देते हैं, तुम्हारा गुब्बारा फूल जाता है जिसमें लखनऊ में बैठे बाबा पिन लगाकर फोड़ देते हैं, 7 साल से खटारा स्टूल की सवारी कर रहे हो ,बेइज्जती सहने की भी एक सीमा होती है, तुम तो उस सीमा को पार करके भी खीखी खीखी करके खिसिया रहे हो, लाज शर्म स्वाभिमान सब तुम्हारा जूतों तले रौंद दिया गया है, और इसके जिम्मेदार तुम खुद हो, तुम्हारा जरा सा भी जनाधार होता और पिछड़ों दलितों के लिए तुमने ईमानदारी से काम किया होता तो 2 टके की तुम्हारी इज्जत भी होती, लेकिन तुमने सत्ता पाकर सिर्फ अहंकार किया और जमकर भ्रष्टाचार किया और सिर्फ अपना पेट भरा जिसके कारण तुम्हारे क्षेत्र के लोगों ने तुम्हें चोट्टा चोट्टा कहकर ना सिर्फ दौड़ाया बल्कि बुरी तरह से तुम्हें चुनाव भी हराया, तुम्हारे गृहमंडल की सीटें भाजपा बुरी तरह से हारी, पूरे कौशांबी जनपद की सारी सीटें भाजपा 2022 में हारी क्योंकि तुम्हारे कुकर्म थे, ऐसे कुकर्मियों पापियों भ्रष्टाचारियों और स्वार्थियो के लिए ना दल में दाल गलती है ना समाज में इज्जत होती है

अपनी 2 कौड़ी की इज्जत लेकर दिल्ली से लखनऊ, लखनऊ से दिल्ली के चक्कर काटो बस, निर्लज्ज कहीं का बेशर्म इंसान

देखें सपा मीडिया सेल के एक्स हैंडल @MediaCellSP से किया गया ट्वीट-

https://twitter.com/MediaCellSP/status/1817076294409941389?t=sQhk4ZK2wTWEyXZJi1y48g&s=19

 

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बलिया में पुलिस वाले कर रहे थे वसूली, एडीजी की छापेमारी में खुली पोल https://sanjayrajput.com/2024/07/adg-raid-in-narahi-ballia.html https://sanjayrajput.com/2024/07/adg-raid-in-narahi-ballia.html#respond Thu, 25 Jul 2024 18:22:28 +0000 https://sanjayrajput.com/?p=577 Read more

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मुख्यमंत्री के निर्देश पर एडीजी जोन ने की बड़ी कार्यवाही, बिहार से आने वाली गाड़ियों से 500 रूपये की होती थी वसूली

यूपी सरकार ने बलिया के एसपी और एएसपी दोनों को हटा दिया है। साथ ही सीओ, एसएचओ और चौकी इंचार्ज के खिलाफ विजिलेंस जांच शुरू की गई ही जो इनकी संपत्ति की भी जांच करेगी। ये कार्यवाही बलिया के नरही थाना क्षेत्र के भरौली बक्सर बार्डर पर एडीजी वाराणसी जोन की गुप्त जांच के बाद की गई है।

बलिया में रात भर ऑपरेशन में ADG और DIG ने अपनी ही पुलिस के कई जवानों से पूछताछ कर उन्हें गिरफ्तार किया, जिसके बाद से इंस्पेक्टर पन्नेलाल अपनी ही कोतवाली से कूदकर फरार हो गया है।

बलिया के नरही थाना क्षेत्र के भरौली बक्सर बार्डर पर एडीजी वाराणसी जोन कि गुप्त कार्यवाही मे खुली भ्रष्टाचार की पोल।

सुबह सवेरे एडीजी कि कार्यवाही मे मौके से 16 प्राइवेट दलाल और दो थाने के सिपाहियों की हुई गिरफ्तारी।

मौके से तीन सिपाही भागने मे रहे कामयाब। जबकि एडीजी जोन की कार्यवाही मे मौके से वसूली रजिस्टर और भारी मात्रा मे मोबाईल फोन हुए बरामद।

नरही थाने के बैरको से मिले 37500 रुपए नगद। जबकि एसओ के आवास को किया गया सीज।

मुख्यमंत्री के निर्देश पर एडीजी जोन ने की बड़ी कार्यवाही, बिहार से आने वाली गाड़ियों से 500 रूपये कि होती थी वसूली।

एडीजी जोन की इस छापेमारी मे हुई बड़ी कार्यवाही। नरही एसओ हुए सस्पेंड 9 सिपाहियों के विरुद्ध मुकदमा हुआ दर्ज़, वही कोरन्टाडीह के सभी चौकी इंचार्ज समेत सभी कर्मी हुए सस्पेंड ।

एड़ीजी की इस कार्यवाही से पुलिस महकमे और दलालों मे हड़कंप मच गया है।

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