गोरखपुर: उत्तर प्रदेश के गोरखपुर से सामने आया 10 वर्षीय वैभव अपहरण और हत्या का मामला हर किसी को झकझोर देने वाला है। पुलिस जांच में सामने आई कहानी किसी क्राइम थ्रिलर से कम नहीं है। शुरुआती जांच के मुताबिक आरोपी ने कर्ज से छुटकारा पाने के लिए पहले अपहरण की साजिश रची, फिर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और इंटरनेट की मदद से कुख्यात गैंगों के फिरौती मांगने के तरीके समझे और अंत में मासूम बच्चे की हत्या कर दी।
36 लाख रुपये के कर्ज ने बदल दी सोच
पुलिस पूछताछ में आरोपी कंप्यूटर टीचर सर्वेश उर्फ बिट्टू भट्ट ने बताया कि उस पर करीब 36 लाख रुपये का कर्ज था। समय पर किस्तें जमा नहीं होने के कारण उसे घर में लगातार ताने सुनने पड़ते थे। उसने दावा किया कि आर्थिक दबाव और पारिवारिक तनाव के चलते उसने एक बड़े कारोबारी के परिवार को निशाना बनाकर फिरौती वसूलने की योजना बनाई।
AI और इंटरनेट से जुटाई अपराध की जानकारी
जांच के अनुसार आरोपी ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और इंटरनेट का उपयोग कर यह समझने की कोशिश की कि संगठित अपराधी गिरोह किस तरह अपहरण की वारदात को अंजाम देते हैं और फिरौती की मांग कैसे करते हैं। पुलिस के मुताबिक उसने ऑनलाइन करीब 199 रुपये में कंबोडिया का एक वर्चुअल मोबाइल नंबर खरीदा और उसी नंबर से व्हाट्सऐप अकाउंट बनाकर फिरौती मांगने की तैयारी की।
गिफ्ट का लालच देकर बच्चे को साथ ले गया
पुलिस के अनुसार सोमवार शाम आरोपी वैभव को गिफ्ट दिलाने का झांसा देकर अपने साथ ले गया। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि रास्ते में बच्चा शोर मचाने लगा, जिसके बाद उसने कथित रूप से उसे जमीन पर गिराया, सीने पर घुटना रखकर गला दबा दिया। घटना के बाद शव को एक बोरे में भरकर अपने घर के बेसमेंट में छिपा दिया।
हत्या के बाद मांगी 1 करोड़ रुपये की फिरौती
आरोप है कि हत्या के बाद आरोपी ने कंबोडिया नंबर से व्हाट्सऐप कॉल कर वैभव के पिता से 1 करोड़ रुपये की फिरौती मांगी। इतना ही नहीं, पुलिस का कहना है कि शक से बचने के लिए वह परिवार और आसपास के लोगों के साथ बच्चे की तलाश का नाटक भी करता रहा, ताकि किसी को उस पर संदेह न हो।
पूरे परिवार पर भी पुलिस की नजर
इस सनसनीखेज मामले में पुलिस ने आरोपी के पिता, भाई, पत्नी समेत कुल सात लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि इस साजिश की जानकारी किसी अन्य व्यक्ति को थी या नहीं तथा अपराध में किसी और की भूमिका रही है या नहीं।
पहले भी जा चुका है जेल
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार सर्वेश उर्फ बिट्टू भट्ट वर्ष 2024 में बिहार के चर्चित पेपर लीक मामले में गिरफ्तार हो चुका है। उस दौरान वह प्रयागराज की नैनी जेल में करीब 40 दिन तक बंद रहा था। उसकी शादी लगभग एक वर्ष पहले हुई थी।
जांच जारी, पुलिस जुटा रही साक्ष्य
पुलिस का कहना है कि मामले की जांच अभी जारी है। डिजिटल साक्ष्य, मोबाइल डेटा, व्हाट्सऐप कॉल रिकॉर्ड और अन्य तकनीकी सबूतों की जांच की जा रही है। अधिकारियों के अनुसार सभी तथ्यों की पुष्टि के बाद ही अंतिम निष्कर्ष सामने आएगा और आरोपपत्र अदालत में दाखिल किया जाएगा।
नोट: इस रिपोर्ट में शामिल आरोपी का कबूलनामा पुलिस पूछताछ पर आधारित है।

