उत्तर प्रदेश के इटावा ज़िले से सामने आया यह हत्याकांड पूरे प्रदेश को हिला देने वाला है। एक ऐसा परिवार, जो समाज में खुशहाल और प्रतिष्ठित माना जाता था, उसी घर में चार लोगों की नृशंस हत्या कर दी गई। और कातिल कोई बाहरी नहीं, बल्कि उसी घर का मुखिया निकला।
बंद कमरों में मौत, बाहर पसरा सन्नाटा
लालपुरा मोहल्ले में स्थित वर्मा परिवार के घर पर 11 नवंबर 2024 की सुबह दोनों कमरों में ताले लटके मिले। मोहल्ले वालों को लगा कि परिवार किसी काम से बाहर गया होगा। लेकिन शाम होते-होते जो सामने आया, उसने पूरे इलाके को दहशत में डाल दिया।
रात करीब 8 बजे अचानक रेखा और उसकी बड़ी बेटी भव्या के व्हाट्सएप स्टेटस पर एक लाइन दिखाई दी—“अब हमारा परिवार नहीं रहा।”
फोन बंद थे, कॉल का कोई जवाब नहीं। घबराए रिश्तेदारों ने पुलिस को सूचना दी। इसी बीच कंट्रोल रूम में एक अज्ञात कॉल आई—“लालपुरा के एक घर में चार लाशें पड़ी हैं।”
ताले टूटे, अंदर का मंजर देख कांप उठी पुलिस
पुलिस जब मौके पर पहुंची और ताले तोड़े, तो अंदर का दृश्य रोंगटे खड़े कर देने वाला था। नीचे के कमरे में पत्नी रेखा, बेटी भव्या और छोटा बेटा अभीष्ट मृत पड़े थे। ऊपर की मंज़िल पर 16 साल की काव्या की लाश मिली।
चारों की मौत ने एक ही सवाल खड़ा कर दिया—घर का मुखिया मुकेश वर्मा कहां है?
रेलवे ट्रैक पर मिला परिवार का कातिल
इसी दौरान रेलवे पुलिस से सूचना आई कि एक व्यक्ति ट्रेन के आगे कूदने की कोशिश कर रहा था। उसे पकड़ लिया गया। पूछताछ में उसकी पहचान मुकेश वर्मा के रूप में हुई—वही व्यक्ति, जिसकी पत्नी और बच्चे मृत मिले थे।
पहले तो उसने खुद को मानसिक रूप से बीमार बताने की कोशिश की, लेकिन बाद में उसने अपराध कबूल कर लिया।
पिज़्ज़ा में नींद की गोली, फिर गला घोंटकर हत्या
मुकेश ने पुलिस को बताया कि 10 नवंबर की रात उसने बच्चों के लिए पिज़्ज़ा मंगवाया, जिसमें नींद की गोलियां मिलाई गई थीं। पत्नी और बच्चों के बेहोश होते ही उसने एक-एक कर सभी का गला घोंट दिया।
उसने यह सब आर्थिक तंगी और पारिवारिक तनाव का हवाला देकर जायज़ ठहराने की कोशिश की।
लेकिन यह कहानी झूठ थी
जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ी, मुकेश की कहानी धराशायी होती चली गई। कॉल डिटेल्स, बैंक ट्रांजैक्शन और मोबाइल रिकॉर्ड्स ने एक ऐसी सच्चाई उजागर की, जिसने पुलिस को भी चौंका दिया।
स्वाति सोनी: हत्याकांड के पीछे छिपा नाम
जांच में सामने आया कि मुकेश का एक महिला से वर्षों से अवैध संबंध था। उसका नाम था स्वाति सोनी—कानपुर की तलाकशुदा महिला और दो बच्चों की मां।
दोनों की पहचान सालों पहले हुई थी, लेकिन 2019 में रिश्ता दोबारा शुरू हुआ और धीरे-धीरे यह जुनून में बदल गया। मुकेश ने स्वाति और उसके बच्चों पर लाखों रुपये खर्च किए, यहां तक कि अपनी दुकान बेचकर मिली रकम भी उसी पर उड़ा दी।
पत्नी को हो गया था शक, घर में मच गया था तूफान
रेखा को पति के बदलते व्यवहार पर शक हो चुका था। आए दिन झगड़े होने लगे। इसी दौरान एक बहस में रेखा ने कहा था कि अगर हालात ऐसे ही रहे तो वह बच्चों के साथ आत्महत्या कर लेगी।
पुलिस के अनुसार, यही बात मुकेश के दिमाग में घर कर गई और उसने आत्महत्या की जगह पूरे परिवार की हत्या की योजना बना ली।
घटना के दिन इटावा में थी प्रेमिका
सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि वारदात वाले दिन स्वाति अपने बेटे के साथ इटावा आई थी। मुकेश ने उससे मुलाकात कर कहा—“काम हो गया है, अब तुम वापस कानपुर चली जाओ।”
इसके बाद उसने रेलवे ट्रैक पर जाकर आत्महत्या का नाटक किया, ताकि खुद को मानसिक रूप से अस्वस्थ साबित कर सके।
पहली पत्नी की मौत पर भी उठे सवाल
जांच में एक और सनसनीखेज़ खुलासा हुआ। पुलिस को शक है कि मुकेश ने अपनी पहली पत्नी नीतू को भी कैंसर की दवा के बहाने ज़हर देकर मारा था, ताकि वह दूसरी शादी कर सके।
एक शख्स, कई हत्याएं, अनगिनत सवाल
इटावा हत्याकांड ने यह साबित कर दिया कि लालच, अवैध रिश्ते और झूठ इंसान को हैवान बना सकते हैं। बाहर से शरीफ दिखने वाला यह कारोबारी दरअसल एक खतरनाक अपराधी था, जिसने अपने ही परिवार को मौत के घाट उतार दिया।