मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिले से सामने आई यह खौफनाक वारदात रिश्तों को शर्मसार कर देने वाली है। यहां एक मां ने अपने ही तीन साल के मासूम बेटे की बेरहमी से हत्या कर दी। वजह ऐसी कि जिसने भी सुनी, सन्न रह गया।
यह सनसनीखेज घटना 28 अप्रैल 2023 को ग्वालियर के थाटीपुर थाना क्षेत्र में हुई थी। आरोप है कि महिला का बेटा अचानक उस समय छत पर पहुंच गया, जब उसकी मां अपने प्रेमी के साथ आपत्तिजनक स्थिति में थी। बेटे द्वारा यह राज देख लिए जाने के डर ने मां को हैवान बना दिया।
राज खुलने के डर से मां ने मासूम को मौत के घाट उतारा
अभियोजन के अनुसार, आरोपी महिला ज्योति राठौर अपने पड़ोसी प्रेमी उदय इंदौलिया के साथ दो मंजिला मकान की छत पर मौजूद थी। इसी दौरान तीन साल का बेटा सनी उर्फ जतिन वहां पहुंच गया। बेटे ने मां को प्रेमी के साथ देख लिया।
बात बाहर न फैल जाए, इस डर से ज्योति ने क्रूर कदम उठाते हुए मासूम बेटे को छत से नीचे फेंक दिया। ऊंचाई से गिरने के कारण बच्चे के सिर में गंभीर चोटें आईं। उसे तत्काल अस्पताल ले जाया गया, लेकिन अगले दिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
पिता मानता रहा हादसा, सच्चाई रही दबी
बच्चे के पिता ध्यान सिंह, जो पेशे से पुलिस कांस्टेबल हैं, शुरुआत में इसे महज एक हादसा मानते रहे। उन्हें इस बात का जरा भी अंदाजा नहीं था कि जिस बेटे को उन्होंने खोया है, उसकी मौत के पीछे खुद उसकी मां का हाथ है।
सपनों में आने लगा बेटा, टूट गया अपराध का बोझ
बेटे की मौत के बाद ज्योति की मानसिक हालत बिगड़ने लगी। वह रात-रात भर घबराकर उठ जाती थी और डरी-सहमी रहती थी। पति को लगा कि वह बेटे की मौत के सदमे में है। डॉक्टरों का इलाज भी चला, लेकिन उसकी हालत में कोई सुधार नहीं हुआ।
कुछ समय बाद ज्योति ने पति को बताया कि उसका मरा हुआ बेटा उसे सपनों में दिखाई देता है। उसे लगने लगा कि बेटे की आत्मा भटक रही है। इसी मानसिक दबाव और डर के चलते एक दिन उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया।
उसने बताया कि बेटे ने उसे और उसके प्रेमी को छत पर एक साथ देख लिया था। डर था कि बच्चा यह बात किसी को बता देगा, इसलिए उसने उसे छत से नीचे फेंक दिया।
वीडियो साक्ष्य बने सबूत, मां को उम्रकैद
सच्चाई सामने आने के बाद कांस्टेबल पति ने पत्नी को विश्वास में लेकर बातचीत का वीडियो बनाया और उसे पुलिस को सौंप दिया। इन्हीं परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के आधार पर मामले की सुनवाई हुई।
शनिवार को सत्र न्यायालय ने हत्यारिन मां ज्योति राठौर को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। हालांकि, कोर्ट ने साक्ष्यों के अभाव में उसके प्रेमी उदय इंदौलिया को बरी कर दिया।
रिश्तों को शर्मसार कर देने वाली कहानी
यह मामला न सिर्फ एक मासूम की दर्दनाक मौत की कहानी है, बल्कि उस अंधे राज की भी, जिसने एक मां को अपने ही कलेजे के टुकड़े का कातिल बना दिया।