इस IPS के नाम से कांप उठते हैं बड़े-बड़े अपराधी, 22 लाख की नौकरी छोड़ बने थे IPS

IPS Neeraj Kumar Jadaun: देश में कई हस्तियों के संघर्ष और सफलता की कहानियां आपने पढ़ी और सुनी होंगी। Police से मिले कटु अनुभवों से निराश होने के बजाए सिस्टम को बदलने और इंसाफ पाने की एक और कहानी है, जो संघर्ष और मुश्किलों से भरी है। यह कहानी आपको फिल्मी जरूर लग सकती है, लेकिन इसके सभी किरदार वास्तविक हैं।

कहानी है Ghaziabad में SP Rural के रूप में तैनात 2015 बैच के IPS Neeraj Kumar Jadaun की।

6 दिसंबर 2008 की यह वो तारीख है, जिस दिन IPS Neeraj Kumar Jadaun की पूरी जिंदगी बदल गई। वो इस तारीख को कभी भूल नहीं सकते। दरअसल, इस दिन Neeraj के पिता की खेत के विवाद में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।

मीडिया से बात करते हुए Neeraj ने बताया कि हमारी मदद करने की बजाय Police आरोपितों का साथ दे रही थी। मगर पिता को इंसाफ दिलाना था तो Neeraj ने IPS बनने की ठान ली।

पिता को इंसाफ दिलाने के लिए उन्होंने IPS बनने की ठान ली। कभी निराशा मिली तो कभी हताशा हुई, लेकिन इरादे के पक्के Neetaj ने हार नहीं मानी और IPS बन गए। बस फिर क्या था, आरोपितों की हेकड़ी ढीली हो गई और स्थानीय Police ने भी नियमानुसार कार्रवाई की।

Jalaun के नौरेजपुर गांव के मूलनिवासी Neeraj Kumar Jadaun का जन्म Kanpur में हुआ। यहीं स्कूलिंग और फिर IIT, BHU से Computer Science में B.Tech की Degree लेकर MNC ज्वॉइन कर ली। Noida व Bangluru से लेकर UK तक Job की।

पिता की हत्या के समय वह Bangluru में थे। केस की पैरवी शुरू की तो Police का रवैया देख दुखी हुए। पीड़ित की मदद करने को बनी Police आरोपितों का साथ दे रही थी। मगर पिता को इंसाफ दिलाना था तो Neeraj ने IPS बनने की ठान ली।

2010 में नौकरी के साथ ही तैयारी शुरू कर दी और 2011 में पहले ही प्रयास में Interview तक पहुंच गए, जिसमें सफलता नहीं मिली। दूसरे प्रयास में रैंक कम रह गई और तीसरे प्रयास के लिए आवेदन करने तक उम्र अधिक हो चुकी थी।

छोड़ दिया 22 लाख का पैकेज

पिता की हत्या के बाद परिवार में सबसे बड़े Neeraj चार भाई-बहनों के इकलौते सहारा थे। भाई-बहनों को अच्छी शिक्षा दिलाने के लिए वह नौकरी नहीं छोड़ सकते थे। इसीलिए नौकरी के साथ कोशिश की। उम्र पूरी होने के कारण Neeraj काफी निराश हुए, लेकिन तभी एक अच्छी खबर आई कि अब 32 साल की आयु तक के अभ्यर्थी आवेदन कर सकते हैं। नीरज ने इसे अंतिम मौका मानते हुए 22 लाख रुपये सालाना का Package छोड़ दिया और तन-मन से तैयारी शुरू कर दी। अगले ही प्रयास में 140वीं रैंक हासिल कर Neeraj IPS बन गए। Neeraj Jadaun के भाई पंकज व रोहित Software Engineer हैं तो राहुल व बहन उपासना Highcourt में Practice करते हैं।

गाजियाबाद से भी जुड़ी हैं जड़ें

IPS Neeraj Kumar Jadaun की जड़ें पहले से ही Ghaziabad से जुड़ी रही हैं। दादा कम्मोद मोदी मिल में मजदूर थे। 1967-69 तक दादा कम्मोद मोदीनगर ही रहे। मगर बॉयलर फटने के बाद वह परिवार समेत Kanpur चले गए। इसी वजह से Neeraj Jadaun Ghaziabad से खास लगाव भी रखते हैं।

छह बार हो चुका जानलेवा हमला

Prayagraj में ट्रेनिंग के बाद Aligarh में गभाना सर्किल के सीओ (एएसपी) बने। यहां गोतस्करों के खिलाफ IPS Neeraj Kumar Jadaun ने बड़ी कार्रवाई की। रात भर गाड़ी लेकर घूमते और कई Encounter भी किए। इस कारण उन पर छह बार जानलेवा हमला भी हुआ।

तस्करों के गिरोह ने ट्रक से टक्कर मरवाने से लेकर फायरिंग तक की। एक बार उनकी सरकारी गाड़ी भी पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई। मगर 16 माह के कार्यकाल में वह कभी पीछे नहीं हटे और हजारों गोवंश तस्करों के चंगुल से मुक्त कराए।

बेटे के जन्म के दो दिन बाद पहुंचे

AMU में जिन्ना की फोटो को लेकर मई-2018 में हुए बवाल में भी हालात संभालने के लिए IPS Neeraj Kumar Jadaun आगे रहे। फरवरी-2019 में छात्र राजनीति को लेकर विधायक के बेटे पर गोली चलाने के बाद पैदा हुए सांप्रदायिक तनाव के बाद वहां के सीओ को हटाकर IPS Neeraj Kumar Jadaun को भेजा गया।

इसी समय पत्नी को प्रतीक्षा प्रसव पीड़ा के चलते अस्पताल में भर्ती कराया गया। पत्नी को अस्पताल में छोड़ वह बवालियों से लोहा ले रहे थे। इसी बीच 16 फरवरी को प्रमोशन के साथ उनका Ghaziabad ट्रांसफर हो गया। अगले ही दिन छोटे बेटे राज्यवर्द्धन ने जन्म लिया, लेकिन IPS Neeraj Kumar Jadaun अलीगढ़ में हालात शांत होने के बाद 18 फरवरी की रात को उसे देखने पहुंचे।

Ips neeraj kumar jadaun with family

दिल्ली में घुस दंगाइयों से बचाए थे परिवार

यूपी के Ghaziabad एसपी देहात के रूप में तैनात IPS Neeraj Kumar Jadaun ने NRC व CAA के विरोध और फिर Delhi में हुई हिंसा के दौरान बॉर्डर पर हालात संभाले। लोनी क्षेत्र में दिल्ली बॉर्डर के 10 बेहद संवेदनशील प्वॉइंट थे, जहां से दंगाई बार-बार Ghaziabad में घुसने का प्रयास कर रहे थे। IPS Neeraj Kumar Jadaun ने एक तरफ दंगाइयों को रोका तो वहीं Ghaziabad के निवासियों से लगातार संपर्क में रहे।

इसी कारण बॉर्डर पर आवाजाही ही नहीं बल्कि दंगों की आग को भी रोक दिया। लाल बाग सब्जी मंडी से 100 मीटर दूर दंगाई उत्पात करते हुए दुकान में लूट के बाद घर आग के हवाले करने का प्रयास कर रहे थे। छत पर महिला व बच्चे रो रहे थे। IPS Neeraj Kumar Jadaun ने सीमा लांघी और Delhi में घुस सैकड़ों की संख्या में पेट्रोल बम व पत्थर हाथ में लिए दंगाइयों को चेतावनी देकर खदेड़ा। उन्होंने करीब तीन परिवारों को सकुशल बचाया।

क्राइम पर पकड़, कानून-व्यवस्था में भी माहिर

IPS Neeraj Kumar Jadaun क्राइम पर अच्छी पकड़ रखते हैं यानी पेचीदा केस खोलना और जनता से संवाद बना कानून-व्यवस्था बनाए रखना जानते हैं। IPS Neeraj Kumar Jadaun के अंदर ये दोनों ही काबिलियत हैं।

 

IPS Neeraj Kumar Jadaun को अपने कार्यकाल के दौरान देहात क्षेत्र में हत्या, लूट व डकैती के रिकॉर्ड ही नहीं बल्कि उनका घटनाक्रम और खोलने का तरीका तक उन्हें मुंह जुबानी याद है।

जनता से सीधा संवाद रखते हैं। पीड़ित यदि उन तक अपनी समस्या पहुंचा दे तो निदान की पूरी गारंटी देते हैं।

यही वजह है कि लोग उन्हें देखने के बाद कानून हाथ में नहीं लेते। IPS Neeraj Kumar Jadaun ने किसानों के खिलाफ गलत तरीके से दर्ज कई मुकदमे खत्म कराए ताकि उनका Police में विश्वास बना रहे।

Leave a Comment

error: Content is protected !!